वाराणसी। काशी के कोतवाल काल भैरव सोमवार को नगर के भ्रमण पर निकले। इस दौरान भक्त अपने प्रभु के दर्शन कर निहाल हो उठे। काल भैरव की डोला यात्रा में साधु-संतो के साथ ही भक्तों का रेला उमड़ा। धूमधाम से निकली यात्रा का रास्ते भर पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। बाबा कालभैरव के स्वरूप की आरती भी उतारी गई। नाचते गाते भक्त और वाहन पर सवार देव स्वरूपों की झांकी को निहारने के लिए लोग सड़क के किनारे जमा हुए।
भैरवाष्टमी से एक दिन पहले निकलने वाली पारंपरिक काशी के कोतवाल बाबा काल भैरव की डोला यात्रा पियरी चौखंडीबीर स्थित बाबा काल भैरव के मंदिर से सोमवार को धूम-धाम से निकली। हर साल की तरह इस बार भी परपंरागत तरीके से बाबा के डोला यात्रा की अगुवाई किन्नरों ने की। शोभायात्रा 12 बजे शुरू होकर पारंपरिक रास्ते पियरी, जालपा देवी, कर्णघंटा, बुलानाला, गोलघर, भैरवनाथ, महामृत्यंजय महादेव मंदिर, मैदागिन, बड़ा गणेश, कबीरचौरा होते हुए पुन: काल भैरव मंदिर पर आकर समाप्त हो गई।
शृंगार आज, प्रसाद कल
जूना अखाड़े के महंत स्वामी राजेश्वरानंद सरस्वती ने बताया कि श्री दत्तात्रेय जन कल्याण समिति की ओर से आयोजित बाबा काल भैरव के जन्मोत्सव पर्व पर इस बार भी तीन दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन हो रहा है। 19 नवंबर को शृंगार, सांस्कृतिक कार्यक्रम, जन्मोत्सव, काल भैरवाष्टमी, हवन-पूजन तथा तीसरे दिन 20 नवंबर बुधवार को भक्तों के बीच प्रसाद वितरण किया जाएगा।