वाराणसी। ‘चाह मिटी, चिंता मिटी मनवा बेपरवाह, जिसको कुछ नहीं चाहिए वह शहंशाह...’ कबीर के इस दोहे का अर्थ कि जब अपेक्षाएं समाप्त हो जाती हैं और मन बेपरवाह हो जाता है। ऐसा व्यक्ति जिसको कुछ नहीं चाहिए वही शहंशाह है। उनकी इस फक्कड़ मिजाजी को अब दुनिया जानेगी। पर्यटन के नक्शे पर कबीर प्राकट्य धाम को लाने के लिए सरकार ने पहल शुरू कर दी है।
मुख्यमंत्री पर्यटन संवर्धन योजना के तहत विधानसभावार तैयार प्रोजेक्ट के तहत लहरतारा स्थित कबीर प्राकट्य धाम की सूरत बदलेगी। मंगलवार को कैंट विधायक सौरभ श्रीवास्तव ने पर्यटन विभाग की टीम के साथ क बीर धाम का निरीक्षण किया। उन्होंने प्राकट्य धाम को भव्य स्वरूप देने पर पर्यटन विभाग के अधिकारियों के साथ विचार विमर्श भी किया। कैं ट विधायक ने बताया कि कुंड को विकसित करना, सीढि़यों को बेहतर कराना, कुं ड के अंदर के हाल का पुनर्निर्माण, पार्किगिं, आने वाले यात्रियों के लिए शेड और खाली जमीन पर पेड़ व पौधे लगाकर सुंदर बागीचे का स्वरूप देने की योजना है। पर्यटन विभाग को यह जिम्मेदारी दी गई है। इस दौरान गोविंद दास शास्त्री और ग्राम प्रधान आशीष गोपाल भी मौजूद रहे।