लहरतारा में कबीर मठ परिसर के पास बदहाल पड़े नगर निगम के एक प्रसाधन भवन का गुरुवार की सुबह संतों, सामाजिक कार्यकर्ताओं ने ताला खुलवाकर जनता को सुपुर्द करने का ऐलान किया तो कुछ देर बाद ही यह कदम उठाने वालों के विरुद्ध मठ के संतों ने पुलिस चौकी में तहरीर दे दी। इससे तनातनी की नौबत बन गई है।
कबीर प्राकट्य तालाब की सफाई के लिए श्रमदान करने वाले संगठनों के पदाधिकारियों और आसपास के नागरिकों का कहना है कि प्रसाधन वर्षों से बंद था, इस वजह से मलिन बस्ती के लोगों को खुले में प्रसाधन के लिए जाना पड़ रहा था। उधर, मठ प्रबंधन का कहना है कि निगरानी और रखरखाव न होने से नशेड़ी और जुआड़ी उस प्रसाधन का दुरुपयोग कर रहे थे। इसलिए उसे सुरक्षित करने की कोशिश की गई थी, उसे बंद नहीं किया गया था।
सीवर और कचरे से पट रहे कबीर प्राकट्य तालाब की कुछ दिनों से जन संगठनों के लोग सफाई करा रहे हैं। इस बीच तालाब की सीढ़ियों पर फैली गंदगी को लेकर पता चला कि वहां के 50 फीसदी से अधिक घरों में शौचालय नहीं है जिससे लोग खुले में शौच के लिए मजबूर हैं। इसकी जानकारी मिलने पर गुरुवार को कबीर मठ के संतों से वार्ता के बाद शौचालय खोलने पर सहमति बनाकर यमुना रक्षक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष जय किशन दास, प्रबोधिनी फाउंडेशन के महासचिव विनय शंकर और लोगों ने मठ के संतों की मौजूदगी में प्रसाधन का ताला खुलवा दिया। ताला खुलने के बाद तहरीर दिए जाने पर विनय शंकर ने कहा कि प्रसाधन का ताला संतो से मशविरे के बाद उनकी मौजूदगी में खोला गया था।
दो मंजिले शौचालय में सबकुछ अस्त व्यस्त और टूटा पड़ा है। इसकी मरम्मत के लिए मंडलायुक्त नितिन रमेश गोकर्ण से विनय ने बात की। इस मौके पर नारी चेतना शक्ति की महासचिव श्वेता राय, जितेंद्र सरोज, सन्नी कुमार सरोज, गुलाब चंद्र, वीरेंद्र उपाध्याय, आकाश सरोज, राजेश पाल, निधि सिंह, ग्राम प्रधान विजय कुमार, प्रभावती, संदीप, शेरू, मुन्नी शर्मा, सावित्री देवी, मालती, बबिता, शिवकुमारी, मालती, सुभाष, रामाश्रय, श्याम सुंदर तिवारी उपस्थित थे।