ज्योतिष पीठ के अगले शंकराचार्य के चयन के मसले पर निर्वाचक मंडल के गठन से पहले ही भारत धर्म महामंडल दो धड़ों में बंट गया। शंकराचार्य के लिए उम्मीदवारी की प्रक्रिया आरंभ होने के साथ ही महामंडल के पदाधिकारी अलग-अलग राग अलापने लगे हैं। महामंडल के जनरल सेक्रेटरी शंभूनाथ उपाध्याय ने इसके लिए जहां सात दिसंबर को नेशनल कौंसिल की बैठक बुलाई थी, वहीं दूसरे धड़े ने डिपार्टमेंटल सेक्रेटरी के हस्ताक्षर से नियमावली के विपरीत 24 नवंबर को ही कौंसिल की बैठक बुलाने का एजेंडा जारी कर दिया है।
इस असहज स्थिति पर शुक्रवार को महामंडल के शीर्ष पदाधिकारियों ने मशविरा किया और डिपार्टमेंटल सेक्रेटरी शंभूनाथ चतुर्वेदी के बैठक बुलाने के एजेंडे को अवैधानिक बताते हुए निरस्त कर दिया। ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य के चयन प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही भारत धर्म महामंडल के पदाधिकारियों में घमासान शुरू हो गया है।
विवाद की वजह है महामंडल के दो अलग-अलग पदाधिकारियों की ओर से बैठक बुलाया जाना। नेशनल कौंसिल के डिपार्टमेंटल सेक्रेटरी शंभूनाथ चतुर्वेदी समेत सात सदस्यों की ओर से 14 नवंबर को महामंडल के जनरल सेक्रेटरी को पत्र भेजकर शंकराचार्य के चयन के मसले पर बैठक बुलाने का आग्रह किया गया था। जनरल सेक्रेटरी डॉ. शंभूनाथ उपाध्याय ने सात दिसंबर को बैठक बुलाई है, लेकिन इससे पहले ही डिपार्टमेंटल सेक्रेटरी शंभूनाथ चतुर्वेदी ने नेशनल कौंसिल की अलग बैठक बुला ली।
शुक्रवार को महामंडल के जनरल सेक्रेटरी ने 24 नवंबर को बुलाई गई नेशनल कौंसिल की बैठक को अवैधानिक घोषित कर दिया। उन्होंने बताया कि सात दिसंबर को नेशनल कौंसिल की बैठक बुलाने का एजेंडा जारी किया जा चुका है। इसके बावजूद भारत धर्म महामंडल की ऑल इंडिया कौंसिल की बैठक अवैध तरीके से बुलाई गई है। महामंडल के पैड की छायाप्रति पर डिपार्टमेंटल सेक्रेटरी की फर्जी मुहर का इस्तेमाल कर बीते 11 अक्तूबर को इस संबंध में हुई बैठक की पुष्टि करते हुए सोची-समझी साजिश के तहत एजेंडा जारी किया गया है।
जनरल सेक्रेटरी ने डिपार्टमेंटल सेक्रेटरी को भेजे पत्र में कहा है कि वह हाईकोर्ट की ओर से ज्योतिष पीठ पर अयोग्य घोषित किए गए शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती को पुन: चयनित करने के लिए अवैधानिक कार्यवाही में लिप्त हैं। यह कदम अत्यंत आपत्तिजनक, अशोभनीय और संस्था विरोधी आचरण के साथ ही हाईकोर्ट के आदेशों के विपरीत है। ऐसे में यह एजेंडा निरस्त किया जाता है।