आंखों में आंसू और भारी आवाज के साथ वो कहते हैं..मैं अपनी बेटी को पढ़ाना चाहता था, उसे अफसर बनते देखना चाहता था...लेकिन उसकी अर्थी उठानी पड़ेगी यह कभी नहीं सोचा था। इतना बोलते ही मातमी सन्नाटा अचानक से टूट जाता है और हर तरफ से रोने-सिसकने की आवाज आने लगती है।
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यह माहौल है रागिनी दूबे के घर के बाहर का। और यह आवाज है कांपते हाथों से अपनी प्यारी बेटी रागिनी को मुखाग्नि देने वाले पिता जितेंद्र दूबे की। जितेंद्र अपनी बेटी की मौत का सदमा बर्दाश्त नहीं कर पा रहे।
बेटी को मुखाग्नि देने के बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई थी। उन्हें अस्पताल ले जाया गया था। यह रागिनी दूबे वही है जो 12वीं पढ़ती थी, मंगलवार सुबह स्कूल जाते वक्त गला रेत कर हत्या कर दी गई थी। घटना बागियों की धरती माने जाने वाली बलिया जिले की है।
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वारदात के बाद जिले के बजहा गांव में मातमी सन्नाटा पसरा है। इस हत्याकांड को अंजाम दिया था ग्राम प्रधान के बेटे ने। इस निर्मम हत्याकांड ने आम जनमानस को झकझोर कर रख दिया है। रागिनी के माता-पिता और भाई बहनों का आंसू थम नहीं रहा। सभी की मांग है कि रागिनी को इंसाफ मिले।
हत्यारों को कड़ी से कड़ी सजा मिले ताकि भविष्य में कोई ऐसा करने के बारे में सोच भी न सके। रागिनी के पिता ने कहा कि अंदेशा नहीं था कि पड़ोस का लड़का उनकी बेटी के साथ ऐसा करेगा। हत्यारे को मौत की सजा मिले तभी बेटियां सुरक्षित रह सकती हैं।
बता दें कि पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आज शाम चार बजे बलिया रेलवे स्टेशन पर कुछ संगठनों द्वारा मौन प्रदर्शन का ऐलान किया गया है। हत्यारों को फांसी देने की मांग को लेकर बुधवार की शाम भी कैंडिल मार्च निकाला गया था, शोक सभा का आयोजन हुआ था।
इस बीच, रागिनी दूबे के घर पर मीडिया की भीड़ जमी हुई है। उसके घर पर सांत्वना और आश्वासन देने के लिए रिश्तेदारों के साथ ही क्षेत्रीयों नेताओं का आना जाना जारी है।
'पापा उसके डर से कब तक स्कूल नहीं जाऊंगी'
मौका-ए-वारदात पर मौजूद थी रागिनी की छोटी बहन
- फोटो : अमर उजाला
मौका-ए-वारदात पर मौजूद रागिनी की छोटी बहन ने मीडिया में बयान दिया था कि रागिनी ने छेड़छाड़ का विरोध किया था। प्रिंस करीब छह-सात महीने से उसे परेशान कर रहा था। जिसकी वजह से पिता जितेंद्र दुबे ने उसे स्कूल जाने से भी रोक दिया था।
मंगलवार को रागिनी ने पिता से कहा कि पापा उसके डर से कब तक स्कूल नहीं जाऊंगी। छोटी बहन के मुताबिक प्रिंस रागिनी से बात करने को कहता था। लेकिन रागिनी उससे बात नहीं करना चाहती थी। प्रिंस ने यहां तक धमकी दी थी कि जब घर से बाहर निकलेगी तो उसे जान से मार देगा। हुआ भी यही।
मंगलवार सुबह सवा सात बजे जब रागिनी स्कूल के लिए निकली तो प्रिंस ने कुछ लोगों को साथ मिलकर उसकी गला काटकर हत्या कर दी। ऐसा नहीं था कि इसकी शिकायत परिजनों ने ग्रामप्रधान कृपाशंकर तिवारी से नहीं की थी।
ग्रामप्रधान को उसके लड़के की करतूत से अवगत भी कराया गया था। लेकिन उसके बाद भी प्रिंस नहीं माना।
छेड़छाड़ या प्रेम-प्रंसग में फंसी पुलिस
पुलिस कार्यालय में हत्या के दो आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
बजहा गांव में 12वीं की छात्रा रागिनी दुबे की सरेराह गला काटकर हत्या मामले में पुलिस 8 घंटे के भीतर ही दो आरोपियों को गिरफ्तार कर अपनी पीठ थपथपा रही है।
बुधवार को एसपी सुजाता सिंह ने अपने कार्यालय में खुलासा करते हुए बताया कि पकड़े गए आरोपी बजहां निवासी प्रिंस उर्फ आदित्य तिवारी पुत्र कृपाशंकर तिवारी(ग्राम प्रधान) व राजू यादव पुत्र रामचंद्र यादव हैं। तीन आरोपी अभी फरार हैं।
पुलिस के मुताबिक मृतक रागिनी और आरोपी प्रिंस तिवारी के बीच प्रेम-प्रसंग का मामला था। पुलिस का कहना है कि रागिनी की हत्या बेवफाई में की गई है, लेकिन बलिया पुलिस की इस थ्योरी पर ही सवाल खड़े होने लगे हैं।
परिजनों का कहना है कि मामला छेड़छाड़ का है। लेकिन पुलिस का कहना है कि यह पूरी वारदात प्रेम-प्रसंग से जुड़ा है। आरोपी और मृतका एक दूसरे को जानते थे, लेकिन रागिनी की बेवफाई से खफा प्रिंस ने इस हत्या की वारदात को अंजाम दिया।
एसपी ने बताया है कि अभियुक्त प्रिंस का रागिनी से प्रेम-प्रपंच चल रहा था। लेकिन इधर किसी बात को लेकर दोनों में अनबन हो गई थी। इससे अभियुक्त प्रिंस नाराज हो गया था। उसने साथियों के साथ मिलकर रागिनी की हत्या करने की योजना बनाई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बजहा गांव निवासी जितेंद्र दूबे की पुत्री रागिनी दूबे प्रतिदिन की तरह सुबह साइकिल से संस्कार भारती विद्यालय सलेमपुर पढ़ने जा रही थी। वह 12वीं की छात्रा थी। उसके साथ छोटी बहन सिया दुबे भी सेंट जेवियर्स स्कूल में पढ़ने निकली थी।
इसी बीच बाइक सवार हमलावरों ने छात्रा पर चाकू से हमला कर दिया। जिससे छात्रा रागिनी सड़क पर लहूलुहान होकर छटपटाने लगी। साथ में उसकी बहन चिल्लाती तब तक हमलावर वहां से भाग निकले।
आस पास के लोगो ने घायल छात्रा को जिला अस्पताल पहुंचाया लेकिन तबतक अपने मां बाप की दूलारी बेटी रागिनी जिंदगी की जंग हार गई थी।