केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय के संयुक्त सचिव प्रवीण प्रकाश
- फोटो : अमर उजाला
बनारस में सफाई व्यवस्था का जायजा लेने आए केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय के संयुक्त सचिव प्रवीण प्रकाश को निरीक्षण के दौरान कई खामियां मिलीं। गुरुवार रात निरीक्षण के बाद शुक्रवार सुबह से लेकर शाम तक सफाई का सच देखा। खुद जनता से रूबरू हुए।
नागरिकों और दुकानदारों से सफाई के बाबत जानकारी ली। कई इलाकों में जगह-जगह कूड़ा फैलने और उसका समय उठान नहीं होने पर नाराजगी जताई।
जनता से फीडबैक लेने के बाद नगर आयुक्त श्रीहरि प्रताप शाही और तहसीलदार अविनाश कुमार से दो टूक कहा कि वे क्षेत्र में सक्रियता बढ़ाएं।
सफाई के लिए तैनात कंपनियों इकोपाल, कियाना और आईएलएफएस पर पैनी नजर रखेें। कंपनियों के कर्मचारियों की उपस्थिति रजिस्टर तैयार कराएं और चेक करें। गड़बड़ी मिलने पर कार्रवाई करें। सफाई व्यवस्था में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान नागरिकों ने शिकायत की कि सफाई कर्मचारी कभी सुबह सात बजे तो कभी नौ बजे आते हैं। इससे कूड़ा पड़ा रहता है। संयुक्त सचिव सुबह सबसे पहले सिकरौल सफाई चौकी पहुंचे। इसके बाद आदमपुर कूड़ा घर गए।
वहां से कोनिया और पठानीटोला में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन देखा। लोगों ने बताया कि सफाईकर्मी समय से कूड़ा उठाने नहीं आते। वहां से भवनिया पोखरी कूड़ा निस्तारण केंद्र और शंकुलधारा पोखरे का अवलोकन किया।
बसंता कॉलेज राजघाट, होटल ताज और तिब्बती संस्थान के परिसर में ही कचरा निस्तारण की व्यवस्था देखी।
केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय के संयुक्त सचिव प्रवीण प्रकाश
- फोटो : अमर उजाला
संयुक्त सचिव प्रवीण प्रकाश ने कहा कि शहर की सफाई व्यवस्था दुरुस्त रखने के लिए सरकारी प्रयासों के साथ-साथ जनसहभागिता भी जरूरी है। इसके लिए शहर के ऐसे होटल, रेस्टोरेंट, रैनबसेरा, गेस्ट हाउस या ऐसे संस्थान जहां से रोजाना 100 किलो या इससे अधिक कचरा निकलता है, उनके संचालकों को खुद कचरे के छोटे प्लांट लगाने होंगे।
प्रवीण प्रकाश ने शुक्रवार को शहर की सफाई व्यवस्था के निरीक्षण के बाद नगर निगम मुख्यालय में ये बातें पत्रकारों से कहीं। बताया कि इसके लिए उन्हें तीन माह का समय दिया जा रहा है। इसके बाद जिन्होंने प्लांट नहीं लगवाए, उनके लाइसेंस निरस्त किए जाएंगे।
संयुक्त सचिव ने नगर आयुक्त को इस पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए। कहा कि लापरवाही पर प्रदेश सरकार और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कार्रवाई करेगा। बताया कि काशी को सफाई के क्षेत्र में 2019 तक देश का मॉडल शहर बनाने की तैयारी है। इसके लिए केंद्र से कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नगर आयुक्त को निर्देश दिया गया है कि वे गीला और सूखा कूड़ा के बारे में नागरिकों को बताएं। यह जानकारी दें कि इससे बिजली और जैविक खाद बनेगी। कूड़े का सही इस्तेमाल हो, इसके लिए एक निजी कंपनी से संपर्क किया गया है।
कंपनी खाद और बिजली बनाएगी। डाला सीमेंट फैक्ट्री के अधिकारियों से नगर आयुक्त को संपर्क करने के लिए कहा गया है। ताकि उससे निकलने वाले अवयव को सीमेंट बनाने में इस्तेमाल किया जा सके।