संयुक्त पुलिस आयुक्त (मुख्यालय एवं अपराध) ने क्राइम मीटिंग में जंसा, चौबेपुर, चितईपुर, शिवपुर व फूलपुर थाने के थानाध्यक्ष के साथ ही कैंट व भेलूपुर सर्किल के एसीपी को फटकार लगाई। पूछा कि आपकी कार्यशैली में सुधार कैसे आएगा? क्या कार्रवाई किए बगैर आप लोग नहीं सुधरेंगे? कहा कि चोरी, लूट, हत्या, दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के मामलों को गंभीरता से लेकर कार्रवाई करें। महिला शिकायत लेकर आए तो हर हाल में मुकदमा दर्ज हो। कोई फरियादी यदि थानाध्यक्ष या चौकी इंचार्ज की शिकायत लेकर आएगा तो वह हर हाल में कार्रवाई की जद में आएगा।
संयुक्त पुलिस आयुक्त (मुख्यालय एवं अपराध) 219 प्रशिक्षु दरोगा से भी मुखातिब हुए। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षु दरोगा की रोजाना रोस्टर के हिसाब से ड्यूटी लगाई जाए। पांच-पांच दरोगा रोजाना एक-एक एसीपी, एडीसीपी और डीसीपी के यहां पेश हों और उनके प्रशिक्षण की जानकारी ली जाए। प्रशिक्षु दरोगा का बैच बनाकर एडीसीपी और डीसीपी रोजाना उनकी क्लास लें। प्रति प्रशिक्षु दरोगा को अधिकतम पांच मुकदमे की विवेचना दी जाए। विवेचना ऐसे मुकदमों की दी जाए जो सामान्य किस्म के ही हों।