वंश वृद्धि व संतान प्राप्ति के लिए जिउतिया व्रत बृहस्पतिवार को रखा जाएगा। व्रत की शुरुआत बुधवार को नहाए खाए से हो गई। जिउतिया पर्व को लेकर बाजारों में भी खूब रौनक रही। पूजा के लिए फल, फूल व सफेद लड्डू के साथ चांदी और धागे की जूतियां बनवाने में महिलाएं जुटी रहीं। कोरोना की वजह से इस बार शहर के विभिन्न कुंडों और तालाबों पर जिउतिया मेले और पूजा का आयोजन नहीं किया जाएगा। महिलाएं अपने अपने घर पर ही संतान की लंबी आयु के लिए पूजा करेंगी और जिउतिया की कथा सुनेंगी।
फल व सब्जियों के दाम आसमान पर
जिउतिया पर्व के पहले दिन नहाय खाए के बाद व्रती महिलाएं सतपुतिया की सब्जी खाती हैं। जिसको देखते हुए सब्जी की दुकानों पर इसके दामों में काफी बढ़ोतरी रही। वही पूजा में उपयोग किए जाने वाले फलों के दामों में भी काफी उछाल रहा। कोरोना की वजह से ज्यादा आवक न होने के कारण फलों के दाम ज्यादा रहे।
सियार और चील की प्रतिमा बनेगी
पूजा के लिए जीमूतवाहन की कुशा से निर्मित प्रतिमा के साथ गोबर से सियार व चील की प्रतिमा भी बनाई जाएगी। उन्हें धूप, दीप, अक्षत, पुष्प, फल आदि अर्पित करके पूजा की जाएगी। कोरोना की वजह से इस बार शहर के विभिन्न कुंडों और तालाबों पर जिउतिया मेले और पूजा का आयोजन नहीं किया जाएगा।