जीवित्पुत्रिका पर पूजन करतीं महिलाएं।
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पुत्रों की लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और मंगलकामना के लिए मनाया जाने वाला जीवित्पुत्रिका (जिउतिया) पर्व शनिवार को जिलेभर में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। माताओं ने पूरे दिन निर्जला व्रत रखकर संतान की सलामती की कामना की। सुबह गलियों में मछली का दर्शन कराने वालों की पुकार सुनाई दी। व्रती महिलाओं ने मछली का दर्शन कर दान-दक्षिणा दी और इसके बाद स्नान-पूजन कर व्रत रखा।
शाम होते ही हाथों में पूजन की थाली और चेहरे पर आस्था का भाव लिए महिलाओं का रुख मंदिरों और घाटों की ओर हो गया। गौरीशंकर घाट, सिधारी घाट, अनंतपुरा स्थित गायत्री माता मंदिर समेत नदी, तालाब और अन्य पूजा स्थलों पर महिलाओं की भीड़ उमड़ी। महिलाओं ने विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया और जीवित्पुत्रिका व्रत की कथा सुनी। पूजा के दौरान पुत्रों की दीर्घायु और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की गई। कई स्थानों पर गाजे-बाजे और मंगलगीतों से वातावरण भक्तिमय बना रहा।