वाराणसी में भोजपुरी लोक संगीत के मर्मज्ञ जितेंद्र नाथ सिंह जीत का 76 वर्ष की अवस्था में रविवार को कोरोना से निधन हो गया। उनको सांस की तकलीफ होने पर शनिवार की रात बीएचयू के चिकित्सा विज्ञान संस्थान में भर्ती कराया गया था। दो हफ्ते पहले कोरोना से ही उनकी पत्नी लीलावती सिंह का भी निधन हो गया था।
गाजीपुर जिले के करीमुद्दीनपुर थाने के पातेपुर गांव के मूल निवासी जितेंद्र नाथ सिंह जीत सेना में वायरलेस आपरेटर थे और उन्होंने वर्ष 1965 और 1971 में पाकिस्तान के खिलाफ लड़ाई में हिस्सा लिया था। सैनिक होते हुए भी उनका सुरों से गहरा लगाव था। वह भोजपुरी गीत और संगीत के मर्मज्ञ थे। सेना से सेवानिवृत्ति के बाद आकाशवाणी वाराणसी में सुरक्षा अधिकारी के पद पर तैनात रहते हुए वह लगातार लोक संगीत की सेवा में लगे रहे।
वह आकाशवाणी के बी हाई ग्रेड के कलाकार थे। मनोज तिवारी, विजय कपूर, रेवती साकलकर, महुआ बनर्जी जैसे गायकों ने उनके गीतों को स्वर दिया है। गीतों पर चार उनकी पुस्तकें गीत गुंजन, बाजे मेरी वीणा के तार, जाइब देवी के दुअरिया और चटक चांदनी प्रकाशित हो चुकी हैं। लोक संगीत सागर नामक पुस्तक प्रकाशित होने वाली थी लेकिन वह उसे देख न सके। उनके परिवार में पुत्र शमशेर सिंह और दो बेटियां हैं।