वाराणसी। पीडब्ल्यूडी कॉलोनी स्थित चीफ इंजीनियर अंबिका सिंह के कार्यालय में ठेकेदार अवधेश चंद्र श्रीवास्तव के खुदकुशी करने से पहले क्या छीनाझपटी हुई थी। कैंट पुलिस ने चीफ इंजीनियर के कार्यालय की फर्श पर बिखरे मिले पांच कारतूसों के आधार पर यह आशंका जताई है।
कैंट पुलिस का कहना है कि सामान्य परिस्थिति में रिवाल्वर के जमीन पर गिरने पर उसके चेंबर से कारतूस निकल कर इधर-उधर बिखरते नहीं हैं। अवधेश के रिवाल्वर का चेंबर भी बंद पड़ा मिला था। ऐसे में इससे इंकार नहीं किया जा सकता है कि अवधेश ने रिवाल्वर निकाली हो तो चीफ इंजीनियर के कमरे में मौजूद लोगों से उनकी छीनाझपटी हुई हो। इसी बीच उन्होंने रिवाल्वर कनपटी पर सटाई होगी और ट्रिगर दब गया होगा। पुलिस के अनुसार अवधेश की मौत के दृश्य के नाट्य रूपांतरण में स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
बार-बार अचेत होने के कारण बयान नहीं दे सकीं प्रतिभा
कैंट थाने के दरोगा नागेश सिंह शुक्रवार की दोपहर ठेकेदार अवधेश के घर उनकी पत्नी प्रतिभा का बयान दर्ज करने पहुंचे। बातचीत के दौरान प्रतिभा के बार-बार अचेत हो जाने के कारण उनका पूरा बयान नहीं दर्ज किया जा सका।
दरोगा नागेश सिंह ने कहा कि वह दोबारा आएंगे और प्रतिभा की हालत सामान्य होने पर उनका बयान दर्ज करेंगे। इस दौरान दरोगा ने अवधेश के बेटों और उनके चालक बसंत से भी घटना के संबंध में पूछताछ कर बयान दर्ज किया।
ठेकेदार होते तो कब के गिरफ्तार हो गए होते, अभियंताओं को छूट
अवधेश की आत्महत्या के संबंध में दर्ज मुकदमे के नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए शुक्रवार को ठेकेदारों ने एडीजी जोन बृजभूषण, डीएम सुरेंद्र सिंह और एसएसपी आनंद कुलकर्णी से मुलाकात की। ठेकेदारों ने कहा कि यदि आरोपी कोई ठेकेदार होता तो वह अब तक जेल की सलाखों के पीछे होता, लेकिन मामला अभियंताओं से जुड़ा होने के कारण पुलिस कार्रवाई में ढिलाई बरत रही है।
तीनों अधिकारियों ने ठेकेदारों को आश्वस्त किया कि तथ्यों और साक्ष्य के आधार पर मामले में कार्रवाई की जाएगी। जिस किसी के भी खिलाफ साक्ष्य मिलेगा वह बचने नहीं पाएगा। डीएम और एसएसपी ने ठेकेदारों से अपील की कि शांतिपूर्वक पुलिस का सहयोग करें। पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार करने के साथ ही उनके खिलाफ अदालत में प्रभावी पैरवी कर उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दिलाएगी।