वाराणसी जिला जेल में निरुद्ध चंदौली के पूर्व सपा सांसद जवाहर जायसवाल के बेटे गौरव जायसवाल की महेश जायसवाल हत्याकांड में अदालत ने जमानत अर्जी बुधवार को नामंजूर कर दी। अदालत में गौरव की जमानत अर्जी का विरोध प्रभारी डीजीसी मुन्नालाल यादव और वादी के अधिवक्ता वरुण प्रताप सिंह प्रिंस ने किया।
अधिवक्ता वरुण प्रताप सिंह के अनुसार अर्दली बाजार निवासी रमेश प्रसाद जायसवाल ने 23 अप्रैल 2012 को कैंट थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। रमेश के अनुसार उसका भाई बैंक कर्मी महेश जायसवाल स्कूटी से सब्जी लेने के लिए भोजूबीर गया था। वापस घर लौटते समय अर्दली बाजार क्षेत्र में दो अज्ञात बदमाशों ने उसे गोली मार दी।
आसपास के लोगों की मदद से उसे उपचार के लिए पंडित दीनदयाल अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उसकी मौत हो गई। इस मामले में विवेचना के दौरान हत्या की साजिश रचने के आरोप में पूर्व सांसद जवाहर जायसवाल और उसके बेटे गौरव जायसवाल का नाम सामने आने पर उनके खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय को प्रेषित कर दिया गया।
मौजूदा समय में गौरव के साथ ही जवाहर भी जिला जेल में निरुद्ध है। सत्र न्यायाधीश जयशील पाठक की अदालत ने महेश जायसवाल हत्याकांड में गौरव जायसवाल की जमानत अर्जी खारिज कर दी।
उधर, जवाहर की पत्नी प्रार्थना जायसवाल ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर मांग की थी कि उसके पति और बेटे के प्रकरण की जांच पुलिस से इतर सीबीसीआईडी या किसी अन्य एजेंसी से कराई जाए। हाईकोर्ट ने पर्याप्त आधार न पाते हुए प्रार्थना की याचिका खारिज कर दी।