Varanasi News : आईएमएस बीएचयू के डेंटल फेकेल्टी के डॉक्टरों की मानें तो फिलहाल मरीज की सेहत में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। वह एक सप्ताह तक अभी डाक्टरों की निगरानी में रहेगा।
आईएमएस बीएचयू के डेंटल फेकेल्टी में मुंह के कैंसर की बीमारी से जूझ रहे एक मरीज की डॉक्टरों ने उसके पैर से मांस लेकर जबड़े में लगाया। ट्रॉमा सेंटर की ओटी में सर्जिकल माइक्रोस्कोप की मदद से पहली बार सर्जरी की गई। आठ घंटे तक चली सर्जरी में मरीज को 20 से अधिक टांके भी लगे हैं।
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दंत चिकित्सा संकाय के ओरल एवं मैक्सिलोफेशियल सर्जरी विभाग में 48 वर्षीय मरीज कुछ दिन पहले डॉक्टर को दिखाने आया। इसमें जांच के बाद पता चला कि मुंह में कैंसर हैं। इसके बाद डॉक्टरों ने सर्जरी का निर्णय लिया। विभाग के प्रोफेसर अखिलेश कुमार सिंह के निर्देशन में जिस टीम ने मरीज की 26 अक्तूबर को सर्जरी की, वह जटिल थी।
प्रो. अखिलेश ने बताया कि पहले इस तरह की सर्जरी में मैग्निफाइंग लूप (एक प्रकार का चश्मा) का इस्तेमाल होता था। इसमें समय अधिक लगता था लेकिन अब आईएमएस निदेशक प्रो. एसएन संखवार और ट्रॉमा सेंटर प्रभारी प्रो. सौरभ सिंह के सहयोग से सर्जिकल माइक्रोस्कोप के आने से समय तो कम लगता ही है, जो मांस का टुकड़ा लेकर लगाया जाता है, उसका बारीकी से अध्ययन करने में आसानी होती है।
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प्रो. अखिलेश ने बताया कि मुंह में कैंसर जैसे गंभीर मरीजों की सर्जरी के लिए ट्रॉमा सेंटर में ओरल एंड मैक्सिलोफेसियल सर्जरी की ओटी है। जिस मरीज की सर्जरी हुई, उसके पैर में जांघ के पास का मांस लेकर मुंह के अंदर गाल का हिस्सा बनाया गया है। यानी उपरी जबड़ा पूरा बनाया गया। अभी सप्ताह भर तक डॉक्टरों की निगरानी में रहेगा। इसके बाद डॉक्टर की सलाह पर रेडियोथेरेपी यानी सेंकाई भी करवाना होगा।
सर्जरी करने वाली टीम में ये रहे शामिल
प्रो. अखिलेश कुमार सिंह के निर्देशन में हुई सर्जरी की इस टीम सीनियर रेजिडेंट डॉ. मेहुल, डाॅ.श्वेता, डॉ.तनिषा, डॉ. स्वप्ना, डॉ. वेदिता, डॉ. मयंक और एनीस्थीसिया विभाग से डॉ. अतुल सिंह शामिल रहे।