घटना के बाद छात्र के परिजनों ने विद्यालय प्रशासन और शिक्षकों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी। मामले ने सोशल मीडिया पर भी तूल पकड़ा, जिसके बाद शिक्षा विभाग हरकत में आया।
बीएसए समीर ने आदेश जारी करते हुए निलंबन अवधि के दौरान सहायक अध्यापिका कृष्णा कुमारी को उच्च प्राथमिक विद्यालय परियांव (सिरकोनी) से संबद्ध किया है। साथ ही खंड शिक्षा अधिकारी, मुंगरा बादशाहपुर को पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच कर विस्तृत रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
बीएसए ने कहा कि जांच में यदि अन्य किसी अधिकारी या कर्मचारी की भी लापरवाही सामने आती है तो उनके विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। शिक्षा विभाग का कहना है कि विद्यालयों में विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस तरह की लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।