बताया गया कि गड्ढे में दलदल भरा हुआ था, जिससे वह बाहर नहीं निकल सके और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। देर रात तक घर नहीं पहुंचने पर परिजनों को चिंता हुई और उन्होंने उनकी तलाश शुरू की। काफी खोजबीन के बाद राम नारायण का शव गड्ढे में मिला। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरते हुए पोस्टमार्टम के लिए जिला चिकित्सालय भेज दिया।
उधर, देर रात जब राम नारायण की मौत की सूचना उनके बीमार चचेरे भाई राम दवर को मिली तो वे गहरे सदमे में आ गए। परिजनों के मुताबिक, खबर सुनते ही उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और उन्हें हृदयाघात जैसा दौरा पड़ा। परिवार के लोग उपचार की व्यवस्था कर पाते, उससे पहले ही उन्होंने भी दम तोड़ दिया।
एक ही परिवार में कुछ घंटों के भीतर दो मौतों से गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। बड़ी संख्या में ग्रामीण और रिश्तेदार परिवार को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं। प्रभारी निरीक्षक तेज बहादुर ने बताया कि मामला संज्ञान में है और आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।