यूपी के जौनपुर जनपद में पति की हत्या के जुर्म में 16 साल जेल की सलाखों में बिताने के बाद घर लौटी महिला को अपनों ने ही अपनाने से इनकार कर दिया है। सास-ससुर ने उसे घर में पनाह देने में असमर्थता जताई तो पांच बेटियों ने भी साथ रहने से साफ मना कर दिया। मामला जफराबाद थाना क्षेत्र के उत्तरगांवा का है। मायूस महिला ने मायके में शरण ली है।
उत्तरगावां गांव निवासी एक व्यक्ति की वर्ष 2005 में नदी किनारे ले जाकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस की जांच में पत्नी को ही हत्या का दोषी पाया गया। जांच रिपोर्ट के आधार पर कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। महिला छह साल तक जिला जेल में रही। उसके बाद उसे लखनऊ के आदर्श कारागार में शिफ्ट कर दिया गया। यहां दस साल तक सजा काटने के बाद गणतंत्र दिवस पर राज्यपाल की संस्तुति पर उसे रिहाई मिली।
लखनऊ पुलिस महिला को लेकर जफराबाद थाने पहुंची। यहां से जफराबाद पुलिस के साथ उसके ससुराल उत्तरगांवा पहुंची। ससुराल में मौजूद सास, ससुर व पांच बेटियों ने उसे घर में रखने से इनकार कर दिया। कुछ देर तक महिला मिन्नतें करती रही, लेकिन घरवालों के न मानने पर गांव के कुछ लोगों के साथ वह अपने मायके प्रधानपुर थाना जलालपुर चली गई।
इस संदर्भ में थानाध्यक्ष जफराबाद धर्मवीर सिंह ने बताया कि महिला को उसके ससुराल पहुंचाया गया था। उसकी ओर से न कोई प्रार्थना पत्र दिया गया है और न ही कोई सूचना मिली है। अगर वह शिकायत करती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।