जनता की सुविधा के लिए बनाया गया मानसिक चिकित्सालय का जनऔषधि केंद्र इन दिनो बंद है और आम मरीज परेशान हो रहा है। ऐसे में सवाल ये उठ रहा है कि व्यवस्था कैसे पटरी पर आएगी।
जनऔषधि केंद्र द्वारा संचालित सस्ती दवा की दुकान मानसिक चिकित्सालय में 15 दिन के बाद अभी भी बन्द है। बताया जा रहा है कि जिले में एक साथ सभी दुकानों को बन्द किया गया था जिसे मुख्य चिकित्सा अधिकारी के पहल के बाद खोल दिया गया।
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मानसिक चिकित्सालय में अभी भी ताला लगा हुआ है जिससे मरीजों व तीमारदारों को बाहर के मेडिकल स्टोर से महंगी दवा लेनी पड़ रही हैं। बताया जा रहा है कि जिला अस्पताल में जन औषधि केंद्र के लिए खोलने का आदेश मिला है जबकि मानसिक चिकित्सालय में अभी भी कोई आदेश न होने की वजह से सस्ती दवा की दुकान को बंद रखा गया है।
जन औषधि की दुकान दीनदयाल में खुली जिससे मरीज और तीमारदारों को काफी सहूलियत मिली। दुकान बंद होने से उन्हें बाहर की मेडिकल स्टोर से महंगी दवा लेनी पड़ती थी अभी भी मानसिक चिकित्सालय में दुकान बंद होने से मरीजों को बाहर मेडिकल स्टोर पर जाना पड़ रहा है।