महज मीडिया ट्रायल या पुलिस के कह देने भर से किसी को आतंकी नही माना जा सकता, जब तक कि उसे न्यायालय से सजा न मिल जाय। जमीयत ने पहले भी ऐसे युवाओ के केस लड़े हैं, और उन्हें बाइज्जत रिहा कराया है। देवबंद के पास से गिरफ्तार दोनों युवाओं के मामले में जरूरत पड़ी तो जमीयत उनके केस लड़ेगा।
यह बातें जमीयत उलेमा ए हिन्द के राष्ट्रीय महासचिव मौलाना महमूद मदनी ने रविवार को पत्रकारों से बातचीत में कही। वे जमीयत के शताब्दी समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होने बनारस पहुंचे थे।
उन्होंने कहा पुलवामा हमले की जितनी निंदा की जाए, कम है। कश्मीर भारत का है और हमेशा रहेगा। हमें सिर्फ कश्मीर ही नही, कश्मीर के लोगों की भी जरूरत है। मुझे खुशी है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इसे महसूस किया और इस मुद्दे पर बात की।