वाराणसी। डायवर्जन प्लान में बदलाव का भी बुधवार को खास असर नहीं दिखा और लोग फिर जाम से जूझे। दस दिन के यातायात डायवर्जन में सबसे अधिक परेशानी यात्रियों को उठानी पड़ी। कैंट बस स्टेशन से पांच से सात किमी दूर रोडवेज बसें रोक दिए जाने से यात्रियों को शहर आने में मशक्कत करनी पड़ी।
रोडवेज अधिकारियों के अनुसार, बुधवार को करीब 20 हजार यात्रियों का संपर्क कैंट बस स्टेशन से टूट गया। गाजीपुर से संबंधित यात्रियों को आशापुर, आजमगढ़ रूट पर लालपुर चौकी, जौनपुर आने-जाने वालों को गिलट बाजार और प्रयागराज, भदोही, चंदौली, मिर्जापुर, सोनभद्र से संबंधित यात्रियों को चांदपुर चौराहा तक दौड़ लगानी पड़ी। कैंट बस स्टेशन से खाली पड़ा रहा। डायवर्जन से सिटी बसों सहित रोडवेज की ढाई सौ से अधिक बसों का संचालन प्रभावित रहा।
अस्थाई बस स्टैंड पर कोई सुविधा नहीं
भारी वाहनों का शहर में प्रवेश प्रतिबंधित है। रोडवेज बसों के लिए स्थान चिह्नित कर दिए गए, लेकिन यहां यात्रियों को कोई सुविधा नहीं मिली। जैसे पेयजल और शौचालय सहित बैठने के लिए बेंच तक नहीं मिली।
ऑटो वालों ने वसूला मनमाना किराया
यात्रियों से कैंट रोडवेज से लालपुर चौकी तक 20 से 30 रुपये, कैंट से गिलट बाजार के लिए 30 से 40 रुपये और कैंट से आशापुर चौराहे तक का 40 से 50 रुपये ऑटो वालों ने वसूले। चांदपुर से कैंट स्टेशन तक जाने के लिए भी 20 से 25 रुपये लिए गए।
डायवर्जन के चलते बसों को कैंट बस स्टेशन पर नहीं आने दिया जा रहा है। संबंधित मार्गों पर बसों का संचालन तय स्थानों से जारी है। -केके शर्मा, क्षेत्रीय प्रबंधक, रोडवेज बनारस मंडल
चौकाघाट फ्लाईओवर के काम में सुरक्षा मानकों की अनदेखी
ब्यूरो
वाराणसी। चौकाघाट फ्लाईओवर निर्माण के लिए बुधवार को पुराने फ्लाईओवर का कुछ हिस्सा तोड़ा गया। अंधरापुल से इंग्लिशिया लाइन के बीच में चल रहे काम के दौरान सुरक्षा मानकों का ध्यान नहीं रखा गया। ऊपर काम हो रहा था और नीचे से लोग गुजरते रहे। यह स्थिति तब है जब पहले भी दो बार हादसे हो चुके हैं। उधर सेतु निगम के अधिकारियों ने कहा कि काम को जल्द समाप्त कराया जाए, हम लोगों का यही प्रयास है।
यातायात का भार, पर्यटन पर मार, पब्लिक लाचार
-यात्रियों से लेकर सैलानियों तक की हो रही फजीहत
- विदेश पर्यटकों के रोके गए वाहन, पर्यटन मंत्री से हुई शिकायत
ब्यूरो
वाराणसी। यातायात डायवर्जन से आम जनता से लेकर दूर दराज से काशी घूमने आए सैलानियों को परेशानियों से भी दो चार होना पड़ा। बाबतपुर एयरपोर्ट से शहर में आने वाले टूरिस्ट बस को संत अतुलानंद स्कूल तिराहे पर रोक दिया गया। बुधवार को गंगा आरती और बनारस देखने आए अमेरिकन, कैनेडियन, आस्ट्रेलिया से कई समूह के विदेशी सैलानियों को भारी लगेज के साथ खूब फजीहत उठानी पड़ी। आटो रिक्शा करने के बाद सैलानी दस से पंद्रह किलो मीटर गंगा घाटों की ओर गए। इसमें अधिकतर बुजुर्ग सैलानी रहे। पर्यटन उद्योग से जुड़े लोगों में इसको लेकर सख्त नाराजगी रही। पयर्टन उद्योग से जुड़े कुछ लोगों ने इसकी शिकायत पर्यटन मंत्री सहित आलाधिकारियों से भी की है। यदि पर्यटकों के साथ इस तरह का दुर्व्यवहार नहीं थमा तो माना जा रहा है कि टूर पैकेज से काशी का नाम हटाया भी जा सकता है। पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों का कहना रहा कि छावनी क्षेत्रों के होटलों तक आने वाले विदेशी सैलानियों को कम से कम छूट दी जाए।
प्रशासन से अपील है कि कम से कम विदेशी सैलानियों के वाहनों को आने की छूट दी जाए। छावनी क्षेत्र के होटलों तक आने-जाने में वाहनों से यातायात पर कोई प्रभाव भी नहीं पडे़गा। -राहुल मेहता, अध्यक्ष टूरिज्म वेलफेयर एसोसिएशन वाराणसी
आटो वाले मनमाना किराया वसूल रहे हैं। आशापुर से कैंट तक का 40 रुपया लिया गया। यही नहीं, बीच में उतार भी दिए। -अमित यादव, गाजीपुर
आटो वाले पांडेयपुर से सारनाथ का पूरा किराया ले रहे हैं और बीच रास्ते में छोड़ दे रहे हैं। गाजीपुर से दवा लेने बनारस आया था। -अरुण यादव, गाजीपुर
बच्चे का इलाज कराने के लिए आजमगढ़ से आई हूं, लेकिन लालपुर में जल्दी कोई वाहन नहीं मिले। बहुत परेशानी झेलनी पड़ी। -शीला देवी, आजमगढ़
रोडवेज बसों को गिलट बाजार में ही रोक दिया गया। यहां से 30 रुपये किराया देकर जाम से जूझते कैंट पहुंचे। -आनंद दीक्षित, केराकत