फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शहर की सभी टंकियों को पेयजल लाइन से जोड़ने और सप्लाई के लिए 55 करोड़ की दरकार

विज्ञापन
विज्ञापन
वाराणसी। शहर के सभी टंकियों को पेयजल की लाइन से जोड़ने और उनसे सप्लाई करने के लिए कम से कम जल निगम को 50 से 55 करोड़ रुपये खर्च करने पड़ेंगे तक जाकर शहरवासी पानी पी सकेंगे। इसके लिए स्टीमेट तैयार कर लिया गया है, जो प्रमुख सचिव को भेजा गया है। अब इस पर शासन स्तर से विचार के बाद ही काम शुरू हो पाएगा।
विज्ञापन

शहर के जलकल और जल निगम की व्यवस्था को एक कर पेयजल सप्लाई सही करने के लिए लखनऊ में मंथन चल रहा है। ऐसे में जलकल के अधिकारी भी लखनऊ तलब किए गए हैं, जो अपनी जानकारी और अपनी समस्या लेकर पहुंचे थे। विभागीय सूत्रों की माने तो शहरवासियों को लीकेज सही करने के लिए कुल 55 करोड़ रुपये खर्च करने का इस्टीमेंट तैयार होगा। लेकिन जिस कंपनी को टेंडर दिया जाएगा, वह 10 साल तक रख रखाव करेगी। इस शर्त पर किसी कंपनी को काम दिया जाएगा। अब इस प्रस्ताव पर शासन विचार करने के बाद बजट जारी करेगा।
रमना एसटीपी के काम को लेकर नाराज हुए जेएमडी
वाराणसी। जल निगम के संयुक्त प्रबंध निदेशक (जेएमडी) संजय कुमार खत्री ने शुक्रवार को रमना के निर्माणाधीन एसटीपी का निरीक्षण किया और निर्माण का काम करा रही कंपनी एसएल ग्रुप के साथ बैठक की। जिसमें कार्य की प्रगति को लेकर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की। जब पता चला कि बैंक में मामला अटक गया है तो जेएमडी ने बैंक के अधिकारियों से संपर्क किया और इस पर बैंक वालों ने पेमेंट देने की बात कही। जेएमडी ने कहा कि पहले ही यह योजना विलंब से चल रही है। इसलिए इस कार्य को जल्द से जल्द पूरा कराया जाए।
विज्ञापन

बंद आ रहा आरोपितों का मोबाइल, जांच में जुटी पुलिस
वाराणसी। जल निगम में हुए 450 करोड़ के घोटाले की जांच शुरू हो गई है। पुलिस तीन आरोपितों से संपर्क करने में लगी हुई है। लेकिन किसी से संपर्क नहीं हो पा रहा है। पुलिस ने आरोपी अधीक्षण अभियंता आरपी पांडेय की तलाश शुरू कर दी है। जल निगम के अधिकारियों के अनुसार सभी के मोबाइल ऑफ आ रहे हैं। सभी के निजी आवासों पर ताले लगे हुए हैं। ऐसे में इनकी जानकारी नहीं मिल पा रही है। जबकि इन अधिकारियों के पास ही जांच की कुछ फाइलें थी, जो वर्तमान में नहीं मिल रही हैं। जल निगम के अधिशासी अभियंता अंकुर श्रीवास्तव ने बताया कि विभाग के दस्तावेज जीएम आरपी पांडेय के पास ही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें