स्वर्ण, रजत, अष्टधातु का कलश
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स्वर्ण, रजत, अष्टधातु का कलश भी होगा रामलला को अर्पित
श्री दिगंबर जैन महासमिति के माध्यम से काशी के जैन समाज ने भी प्रभु राम की भक्ति में अपनी उपस्थिति दर्ज करवा दी। महासमिति के महामंत्री राकेश जैन ने बताया कि स्वर्ण, रजत, अष्टधातु का मंगल कलश श्री 1008 भगवान प्राश्वनाथ जैन धर्म के 23वें तीर्थंकर की जन्म स्थली का जल और माटी मंत्रों से पूजित कर पंडित प्रो रामनारायण द्विवेदी जी को सौंपा। जो प्रभु राम की जन्मस्थली पर लेकर जाएंगे।