स्वतंत्रता दिवस पर मदरसों में झंडारोहण, राष्ट्रगान और अन्य कार्यक्रम आयोजित करने के प्रदेश सरकार के फैसले पर किसी तरह का कोई विवाद नहीं होना चाहिए। ऐसा नहीं है कि पहली बार मदरसे में आजादी का जश्न मनाया जा रहा है। हर साल पूरे जोशोखरोश से जश्न मनाया जाता है।
मदरसा बोर्ड के संचालकों को पहले की तरह पूरे उत्साह के साथ स्वाधीनता दिवस मनाना चाहिए। रविवार को यहां मौलाना आजाद नेशनल उर्दू विश्वविद्यालय हैदराबाद के चांसलर जफर सरेशवाला ने ये बातें कहीं।
वह यहां बीएचयू में आयोजित तीन दिवसीय अंतरर्राष्ट्रीय कांफ्रेंस में आए थे। मदरसों के लिए स्वतंत्रता दिवस पर शासन से जारी फरमान के बारे में कहा कि यूपी ही नहीं बिहार, मध्यप्रदेश, असोम में भी मदरसे हैं। आदेश में ऐसा कुछ भी नहीं है, जिस पर किसी तरह की आपत्ति की जाए।
ये आदेश सरकार ने अपने अधीन मदरसा बोर्ड को ध्यान में रखकर जारी किया है न कि कोई धर्म-मजहब को देखकर। यह राष्ट्रीय पर्व है और सरकार के आदेश का कोई धार्मिक निहितार्थ नहीं निकाला जाना चाहिए
। जहां तक वीडियोग्राफी कराने की इसमें बात है तो उसमें इस बात का जिक्र है कि इसे देखकर बेहतर कार्यक्रम करने वालों को पुरस्कृत किया जाएगा। बताया कि पिछले दिनों मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनसे एक मुलाकात में मदरसों की खस्ताहाली पर चर्चा की थी। मदरसा बोर्ड को सीबीएसई के समकक्ष लाने की बात कही थी।