काशी विद्यापीठ के मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र और जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) के तत्वावधान में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर चर्चा की गई। ऑनलाइन कार्यक्रम में केंद्रीय विश्वविद्यालय हरियाणा के प्रो. दिनेश चहल ने कहा कि उच्च शिक्षण संस्थाओं में अनुसंधान के लिए अनुकूल शैक्षिक परिवेश को विकसित करना जरूरी है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति: उन्मुखीकरण एवं जागरूकता कार्यक्रम में प्रो. दिनेश ने कहा कि उच्च शिक्षा का लक्ष्य उच्च स्तर का चिंतन, अनुसंधान एवं विस्तार को सुनिश्चित करना होता है। महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा के प्रो. अवधेश कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति भारतीय विरासत एवं मूल्यों पर आधारित प्रणाली के विकास की आवश्यकता पर जोर देती है। भारत सदियों से अपने ज्ञान विज्ञान से विश्व को आलोकित करता रहा है, जिसके कारण इसे विश्व गुरु की उपाधि प्राप्त है। वेद, पुराण, उपनिषद और वेदांत भारतीय ज्ञान प्रणाली के मुख्य स्रोत हैं। निदेशक प्रो. सुरेंद्र राम ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति का लक्ष्य भारत को विश्व गुरु के रूप में स्थापित करना है। संचालन प्रो. रमाकांत सिंह, तकनीकी सहयोग विनय सिंह, धन्यवाद ज्ञापन डॉ. लालधारी यादव ने किया।