पूर्वांचल के लोग श्रद्धालुओं के साथ जियारत के लिए ईरान गई थे, लेकिन अचानक युद्ध की स्थिति के कारण वापसी की उड़ान रद्द कर दी गई। संकट की घड़ी में परिजनों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, विदेश मंत्री और संबंधित अधिकारियों से गुहार लगाई है। वह ईरान में फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए कदम उठाएं।
2024 में गए थे श्रमिक
इस्राइल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध ने भारतीय श्रमिकों को चिंता में डाल दिया है। 2024 में केंद्र सरकार की राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) के अंतर्गत पूर्वांचल से 2000 से अधिक श्रमिक इस्राइल गए थे। वहां कंस्ट्रक्शन सेक्टर के साथ अन्य श्रमिक भी शामिल हैं। यूपी से 5952 कामगारों को लेकर प्रदेश सरकार लगातार समन्वय एजेंसी के संपर्क में है। मिसाइल हमलों के बीच श्रमिकों को बंकरों और कार्यस्थलों में ही रहने के निर्देश दिए गए हैं। श्रमिक ओवरटाइम के साथ 2.5 लाख रुपये महीना कमा रहे हैं।