इस्राइल में सुरक्षा के लिए बनाए गए बंकर
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इस्राइल और ईरान के युद्ध से हालात बिगड़ रहे हैं। वहां रह रहे भारतीय बंकर में छिपकर जान बचा रहे हैं। श्रमिक एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाने के लिए बंकर का प्रयोग कर रहे हैं। सरकार ने हर घरों में बंकर अनिवार्य कर दिया है। पूरे शहर में मिट्टी, सीमेंट, लोहा, टीना, लकड़ी सहित कई तरह के बंकर बनाए गए हैं। बंकर में छिपे लोग वीडियो कॉल कर परिवार को हालात की जानकारी दे रहे हैं।
अमर उजाला से बात कर इस्राइल में काम कर रहे श्रमिक ने वहां के हालात के बारे में बताया। कहा घंटों तक मिसाइल से हमले हो रहे हैं। हम लोग बंकर में ही सारा दिन बिता रहे हैं। लोगों के साथ पशु भी बंकर में रह रहे हैं। बंकर में ज्यादा अंदर जाने पर फोन का नेटवर्क चल जा रहा है।
विदेश मंत्रालय के संपर्क में हैं। 2024 में केंद्र सरकार की राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) में पूर्वांचल के सात जिलों से दो हजार श्रमिक रोजगार की तलाश में गए थे। सबसे ज्यादा आजगमढ़ से 1200, मऊ से 400, बलिया से 275, वाराणसी से 76, जौनपुर से 60, भदोही से 12 और मिर्जापुर से 6 श्रमिक हैं।
श्रमिकों ने बताया कि जैसे ही ईरान की ओर से मिसाइल हमले की आशंका होती है या कोई मिसाइल सीमा में प्रवेश करती है, शहर में सायरन बजने लगता है। कुछ ही मिनटों में लोगों को सुरक्षित बंकरों में शरण लेनी पड़ती है।