मुगलसराय क्षेत्र बुकियों का बना गढ़
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आईपीएल सीजन-10 के शुरू होते ही सट्टे का बाजार गर्म हो गया है। पूर्वांचल में मुगलसराय क्षेत्र इसका सबसे बड़ा हब बन चुका है। सूत्रों की मानें तो सीजन में हर रोज पचीस से तीस लाख रुपये का सट्टा विभिन्न मैचों पर लगता है जिसे लगाने वालों में सबसे ज्यादा संख्या रेलकर्मियों और युवाओं की है।
बावजूद इसके अब तक पुलिस की निगाहें इसपर क्यों नहीं पड़ रही हैं यक्ष प्रश्न है। पुलिस अधीक्षक दीपिका तिवारी ने बताया कि सट्टे के अवैध कारोबार को रोकने के लिए एसओजी और सर्विलांस की संयुक्त टीम बनाई जा रही है जो इसमें शामिल लोगों के धर पकड़ का कार्य करेगी।
बीते पांच अप्रैल से आईपीएल सीजन की शुरुआत होते ही जनपद के विभिन्न स्थानों पर सट्टे का अवैध कारोबार भी फलने फूलने लगा है। यह कारोबार अब इतने हाईटेक तरीके से हो रहा है। इसमें शामिल बुकी (सट्टा खिलवाने वाला व्यक्ति) तक पहुंच पाना पुलिस के लिए नामुकिन सा होता जा रहा है।
हाईटेक होते जमाने के साथ दिल्ली और मुबंई में बैठे सटोरियों ने क्रिक लाईन और लाइव लाइन जैसे एप्लीकेशन विकसित कर लिए हैं जो एंड्रॉयड मोबाइल में आसानी से डाउनलोड हो जाते हैं और फिर मैच शुरू होते ही सट्टे का रेट इस पर दिखने लगता है।
सूत्रों की मानें तो सट्टे के हब के तौर पर तेजी से विकसित हो रहे मुगलसराय शहर में बीस से अधिक बुकी हैं जो लोगों को आईपीएल में सट्टा खिलवाने का कार्य करते हैं।
सूत्रों के अनुसार शहर के यह बुकी भी रामनगर और वाराणसी में बैठे बड़े बुकी से जुड़े हुए हैं। जो भी व्यक्ति सट्टा खिलवाने का काम करना चाहता है उसे इनके यहां दो से तीन लाख रुपये जमा करने होते हैं जहां से इनके एक खास मोबाइल नंबर पर कोड जारी एक लाइन दे दी जाती है।
यह बाक्स के रूप में होती है। मैच शुरू होते ही एप के साथ बाक्स से भी रेट की घोषणा होती रहती है। इसके बाद शुरू हो जाता है सट्टे का खेल। फिर यहां बैठा बुकी अपने यहां लोगों का सट्टा लगवाता है। जीतने पर लोगों को रुपये मिल जाते हैं लेकिन हारने पर बुकी सट्टे पर लगाई रकम को अपने पास रख लेता है।