आईपी सिंह ने कहा कि मैंने 2017 में गुजरात मॉडल देखा, वहां कुछ नहीं था। लेकिन गुजरात मॉडल को यहां बेचा गया। हमने तीन दशक तक भाजपा की राजनीति की है। भाजपा विचारों वाली पार्टी थी, लेकिन 2014 के बाद इसमें तानाशाही आई। भाजपा जाति के आधार पर वोटों का बंटवारा कर रही है। इसलिए हमने पार्टी को ठोकर मार दी। नेताओं के यहां छापेमारकर उन्हें परेशान किया जा रहा है।
भाजपा के 45 नेताओं के घर बोरे में भरकर नोट रखे हैं। अगर छापा ही मारना है तो डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, पीयूष गोयल और धर्मेंद्र प्रधान के घर छापा मरवाएं। 'निरहुआ' जैसे लोगों का चरित्र क्या है यह सब जानते हैं। मैं जब तक जीवित रहूंगा अखिलेश और सपा के साथ रहूंगा।