वाराणसी जिले के रामनगर किला के समीप बलुआ घाट पर बारादरी की छत गिरने से बुजुर्ग की मौत हुई थी। जिसके बाद चार सदस्यीय जांच टीम घटिया निर्माण से जुड़े साक्ष्य जुटाने में जुटी, लेकिन गंगा का जलस्तर बढ़ने के चलते घाट डूब गया। ऐसे में टीम साक्ष्य नहीं जुटा सकी।
वाराणसी में बारादरी की छत ढहने से जिस बलुआ घाट पर बुजुर्ग मेवालाल की मौत हो गई थी, वह बाढ़ के पानी से डूब गया है। इससे भ्रष्टाचार की जांच प्रभावित हो गई है। जांच टीम मौके पर जाकर साक्ष्य नहीं जुटा पा रही है। यहां दस करोड़ से ज्यादा के विकास कार्य कराए जा रहे हैं।
बारादरी की छत ढहने से बीते बृहस्पतिवार को चंदौली के बुजुर्ग की मौत हो गई थी। इस मामले की जांच एडीएम सिटी के नेतृत्व में चार सदस्यीय टीम कर रही है। प्रारंभिक जांच में ही उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट कार्पोरेशन लिमिटेड के अधिकारियों और ठेकेदार की मिलीभगत सामने आई थी।
निर्माण सामग्री जांच के लिए भेजी गई है। अभी कुछ और नमूने भरे जाने थे, इससे पहले ही घटनास्थल बाढ़ के पानी में डूब गया। इससे जांच टीम परेशान है। टीम के सदस्यों का कहना है कि घटिया निर्माण की जांच प्रभावित हो सकती है।
गंगा किनारे बलुआ घाट पर बारादरी की छत गिरने से चंदौली के परोरवा गांव निवासी मेवालाल उर्फ बाबाजी (60) की मौत को लेकर रामनगर के लोगों में रोष व्याप्त है। शनिवार की शाम सामाजिक कार्यकर्ता श्रीनारायण द्विवेदी उर्फ डंडा गुरु अपने सहयोगियों के साथ बलुआ घाट पहुंचे। वह मेवालाल के परिजनों को न्याय दिलाने और निर्माण कार्य कराने वाले ठेकेदार ओम प्रकाश पांडेय की गिरफ्तारी की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए।
श्रीनारायण द्विवेदी ने कहा कि बलुआ घाट पर बीते बृहस्पतिवार को हुए हादसे में बुजुर्ग की मौत को लेकर संबंधित विभाग के कर्मचारी व अधिकारी भी उतने ही दोषी हैं, जितना ठेकेदार है। जब काम हो रहा था तब भी घटिया निर्माण की शिकायत की गई थी। गुणवत्तापूर्ण काम किया गया होता तो शायद यह घटना नहीं होती। उन्होंने कहा कि जब तक आरोपी ठेकेदार की गिरफ्तारी नहीं हो जाती, तब तक धरना चलता रहेगा। धरने में कृपाशंकर यादव, धनंजय साहनी, राकेश गुप्ता, जितेंद्र यादव, अशोक साहनी, दिनेश साहनी उपस्थित रहे।
चंदौली के पूर्व सपा सांसद रामकिशुन यादव ने मेवालाल के घर जाकर उनकी पत्नी लक्ष्मीना और बेटे दशमी और राजन को ढाढ़स बंधाया। आश्वासन दिया कि परिवार को सरकारी नियमानुसार सभी तरह की मदद दिलाई जाएगी। इसके लिए जिलाधिकारी से लेकर शासन स्तर तक पत्राचार किया जाएगा। इसके बाद वह बलुआ घाट पहुंचे। फिर धरने पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता श्रीनारायण द्विवेदी का समर्थन किया। पूर्व सांसद ने कहा कि कमीशनखोरी के कारण बारादरी की छत जानलेवा साबित हुई। इस दौरान कृपा शंकर यादव, धनंजय साहनी, जितेंद्र यादव सहित अन्य लोग मौजूद रहे।