उधर, जांच करने पहुंचे डीएम खंगरौत ने बताया कि उन्होंने सभी बच्चों से बातचीत की और विद्यालय में छात्रों की उपस्थिति आदि की भी जांच की। बच्चों ने बताया कि सभी एक साथ बैठकर भोजन करते हैं। खाने में किसी प्रकार के भेदभाव को भी बच्चों ने गलत बताया। भोजन की गुणवत्ता को भी बच्चों ने अच्छा बताया।
शिकायत पूरी तरह निराधार मिली। जिलाधिकारी ने प्रधानाध्यापक से भी कड़ाई से पूछताछ की। विद्यालय में कुल 42 बच्चों का नामांकन है। इनमें गुरुवार को18 बच्चे उपस्थित थे। सभी ने एमडीएम का भोजन किया। इस दौरान प्रभारी बीएसए सुभाष गुप्ता भी मौजूद रहे। वहीं, स्कूल के प्रधानाध्यापक पुरुषोत्तम गुप्ता ने बताया कि स्कूल में बच्चों के अपने-अपने ग्रुप हैं, जो अपने साथियों संग भोजन करते हैं।
इस संबंध में कई बार बच्चों से एक साथ बैठ कर खाने को कहा गया, लेकिन वह कहने पर भी साथ नहीं बैठते। शायद ऐसा वह अपने परिवार और परिवेश के कारण करते होंगे। प्रधानाध्यापक ने विद्यालय स्तर पर किसी तरह के भेदभाव से पूरी तरह इनकार किया।
मायावती ने किया ट्वीट :
बसपा सुप्रीमो मायावती ने ट्वीट करते हुए कहा कि यूपी के बलिया जिले के सरकारी स्कूल में दलित छात्रों को अलग बैठाकर भोजन कराने की खबर बेहद दुखद व अति निंदनीय है। बीएसपी की मांग है कि ऐसे घिनौने जातिवादी भेदभाव के दोषियों के खिलाफ राज्य सरकार तुरंत सख्त कानूनी कार्रवाई करे ताकि दूसरों को इससे सबक मिले और इसकी पुनरावृत्ति न हो।
बसपा ने की भर्त्सना, डीएम पर अभद्रता का आरोप :
उधर, बहुजन समाज पार्टी बलिया का एक प्रतिनिधि मंडल भी रामपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय नंबर -1 पर पहुंचा जहां उन्होंने दावा किया कि बच्चे पिछले कई दिनों से अपने साथ भेदभाव की शिकायत कर रहे थे। प्रतिनिधि मंडल का आरोप है कि इसी दौरान जांच करने पहुंचे जिलाधिकारी ने उन लोगों के साथ अभद्रता की।
बसपा के प्रतिनिधि मंडल ने कहा कि उन्होंने जिलाधिकारी को चेतावनी दी है कि दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो बसपा धरना-प्रदर्शन के लिए बाध्य होगी। प्रतिनिधि मंडल में डॉ मदन राम, मुख्य जोन इंचार्ज वाराणसी, इंदक राम, संतोष कुमार जिलाध्यक्ष, अजय कुमार, कृष्ण कुमार, बृजेश राम आदि मौजूद रहे।