इसकी बढ़ती लोकप्रियता के चलते ही स्मार्ट सिटी के तहत यहां 75 फीट ऊंचा चौथा नमस्ते कल्पचर लगाया जा रहा है। पर्यटकों के बेहतर सुविधाओं के लिए पयर्टन विभाग, नगर निगम समेत अन्य कई विभागों के समन्वय से यहां आधुनिक जनसुविधाओं को विकसित करने का खाका तैयार किया जा रहा है। 35.83 करोड़ से करीब 11.5 एकड़ एरिया में पर्यटकों के लिए सुविधाएं विकसित की गई हैं।
इस घाट से जलमार्ग और वायु मार्ग को भी जोड़ा जाएगा। ताकि पर्यटक अन्य शहरों तक जा सके। यहां पर्यटक सुबह-ए-बनारस का नजारा देख सकेंगे। साथ ही गंगा आरती में भी शामिल हो सकेंगे। वाटर एडवेंचर स्पोर्ट्स का मजा भी ले सकेंगे। सुबह मॉर्निंग वॉक ,व्यायाम और योग कर सकेंगे। दिव्यांगजन और बुजुर्गों के लिए मां गंगा के चरणों तक रैंप बना है। ओपेन थियेटर है, लाइब्रेरी, बनारसी खान पान के लिए फूड कोर्ट हैं। जेटी से बोट के जरिये काशी विश्वनाथ धाम जा सकेंगे। फ्लोटिंग सीएनजी स्टेशन है। यहां मल्टीपर्पज प्लेटफॉर्म होगा।
संपूर्णानंद में आयोजित योग शिविर
- फोटो : अमर उजाला
अमृत योग सप्ताह में वाराणसी में जगह-जगह योग की पाठशाला सज रही है। इसमें लोग योगाभ्यास के साथ ही जीवन में योग शामिल करने का संकल्प ले रहे हैं। अमृत योग सप्ताह के तहत रविवार को 108751 लोगों ने योग किया। योग सप्ताह के छठवें दिन अस्सी घाट पर आयोजित योग शिविर में बच्चों ने नृत्य के माध्यम से योगाभ्यास किया।
संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में आयोजित योग शिविर में लोगों ने योगाभ्यास के साथ ही योग को जीवन में शामिल करने का संकल्प लिया। प्रो. हरेराम त्रिपाठी ने बताया कि योग दिवस पर संपूर्णानंद व राजकीय आयुर्वेद विद्यालय योग शिविर का आयोजन किया जाएगा। वहीं मुकुलारण्यम महाविद्यालय में आयोजित योग शिविर में योगाचार्य डॉ. विजय मिश्र ने योग से श्वास क्रिया पर नियंत्रण रखने की प्रेरणा देते हुए शारीरिक व मानसिक के रूप से स्वस्थ रहने के लिए योगासन का अभ्यास कराया।