फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर शक्ति परियों के चेहरे पर गर्व का उजाला

Thu, 08 Mar 2018 11:36 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
विज्ञापन
अमर उजाला ने सात स्कूल की 225 छात्राओं को स्कूल बैग और वाटर बॉटल भेंट कर उत्साहवर्धन किया - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
अमर उजाला ने शक्ति परियों के साथ मनाया विश्व महिला दिवस, उनकी हौसलाफजाई भी की। ये वो शक्ति परियां थीं, जिनमें न हौसलों की कमी है और ना ही वो किसी से डर कर बैठने वाली हैं। वक्त जरूरत पड़ जाए तो वो दुर्गा बन जाएं।
विज्ञापन


मां दुर्गे बालिका इंटर कॉलेज लहरतारा में गुरुवार को आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि सीओ सदर अंकिता सिंह के हाथों विभिन्न स्कूलों की 225 बालिकाओं को स्कूल बैग और वाटर बॉटल देकर उत्साहवर्धन किया। इनमें कई छात्राओं ने जब ‘महिलाओं की सामाजिक भागीदारी’ पर अपने विचार रखे, अनुभव साझा किए तो उनके चेहरे पर गर्व के भाव साफ झलक रहे थे।

इस अवसर पर डीएसपी अंकिता सिंह ने छात्राओं को मेहनत से पढ़ने और आगे बढ़ने की सीख दी। कहा कि एक लड़की होने के नाते आपको डरने की बिलकुल जरूरत नहीं। पूरी निर्भीकता के साथ मुश्किलों से लड़िए और आगे बढ़िए।
विज्ञापन


अपनी मजबूरी को मजबूती बनाइए। पढ़ाई आपके लिए बेहद जरूरी है। पढ़ लिखकर आप समाज में बेहतर नाम करें। महिला दिवस की सभी को बधाई देने के साथ ही उन्होंने कहा कि हमारे लिए सिर्फ एक ही नहीं बल्कि हमारी भूमिका साल के 365 दिन अहम है, महत्वपूर्ण है।

इस अवसर पर अमर उजाला की ओर से विभिन्न स्कूलों की सवा दो सौ छात्राओं को स्कूल बैग और वाटर बॉटल दिया गया। प्रधानाचार्य डॉ. प्रतिभा देवी ने बालिकाओं को सभी डर दूर करके नियमों और विनम्रता के साथ पुरुष से कंधा से कंधा मिलाकर तरक्की करने की प्रेरणा दी, ताकि लैंगिक असमानता दूर हो सके।
विज्ञापन

बेटी से प्रेरणा लेकर सीखा कराते, पाया येलो बेल्ट

सीओ सदर अंकिता सिंह ने येलो बेल्ट से नवाजा - फोटो : अमर उजाला
अपनी बेटी ऋषिता गुप्ता से प्रेरणा लेकर उनकी मां बेबी गुप्ता ने भी कराते सीखना शुरू किया। कराते की बारीकियां सीखकर, उसमें दक्ष होकर इसकी पहली परीक्षा भी मां ने पास कर ली। गुरुवार को सीओ सदर अंकिता सिंह के हाथों उन्हें येलो बेल्ट से नवाजा गया।

वो कहती हैं कि आज के वक्त में आत्मरक्षा का हुनर हर महिला को आना चाहिए। इसी सोच के साथ मैंने अपनी बेटी को इसकी ट्रेनिंग दिलानी शुरू की। उसकी ट्रेनिंग के बाद उसमें आए आत्मविश्वास को देखकर ही मैंने भी कराते की ट्रेनिंग लेनी शुरू की। उसे ट्रेनिंग के दो पड़ाव पार कर लिए हैं और ऑरेंज बेल्ट है। मैंने आज अपना पहला पड़ाव पार किया है।

इन विद्यालयों की छात्राओं का उत्साहवर्धन
- मां दुर्गे बालिका इंटर कॉलेज लहरतारा
- गौतम बुद्ध बालिका उच्चतर माध्यमिक विद्यालय लोहता
- मां वैष्णो विद्यालय नकईपुर
- संजय मेमोरियल महिला महाविद्यालय चांदपुर
- श्री वल्लभ विद्यापीठ बालिका इंटर कॉलेज 
- कस्तूरबा बालिका इंटर कॉलेज अर्दलीबाजार 
- ज्ञानदीप पब्लिक स्कूल कोरौता 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें