केवल 46 दिनों में 12.75 करोड़ परिवारों से लगभग 3200 करोड़ रुपये एकत्रित किए। एक समुदाय के रूप में यह हमारे लिए एक अभूतपूर्व उपलब्धि रही है। मिलिंद परांडे के मुताबिक राम मंदिर के निर्माण के दौरान जमीन के समतलीकरण और खोदाई के दौरान एक शिवलिंग, खंभे और टूटी मूर्तियां मिलीं थीं। ये दर्शाती हैं कि इतिहास में अलग-अलग समय में एक ही स्थान पर एक नहीं बल्कि दो मंदिर मौजूद थे। व्यापक शोध और विश्लेषण से संकेत मिलते हैं कि मंदिर के नीचे बहने वाली सरयू नदी की एक धारा के कारण, ये मंदिर जमीन से नीचे चले गए थे।
मंदिर की सुरक्षा के लिए हमने मंदिर की संरचना में बाधा डालने वाली पानी की गति व शक्ति को नियंत्रित करने के लिए एक सुरक्षा दीवार का निर्माण किया है। इसमें आईआईटी चेन्नई ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
पत्रकारों के बातचीत में मिलिंद परांडे ने कहा कि ज्ञानवापी का सर्वे होना अच्छी बात है। हिंदू समाज जो संकल्प करता है उसे पूर्ण करता है। मणिपुर हिंसा के सवाल पर कहा कि यह दो समुदायों के बीच का मामला है। इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। उनके बीच शांति स्थापित करने के प्रयास होना चाहिए। विहिप उन समुदायों के बच्चों की शिक्षा के लिए प्रयासरत है।