पुलिस की पूछताछ में विद्याशंकर ने बताया कि पहल स्नेह टाइपिंग सेंटर जानसेनगंज लीडर रोड में टाइपिंग सीखता था, वहीं पर प्रयागराज के नैनी निवासी शैलेंद्र चौधरी व फूलपुर प्रयागराज के महेन्द्र कुमार से कोचिंग में मुलाकात हुई थी। इन्हीं लोगों के माध्यम से दस लाख रुपये पर परीक्षा में पास करने की सेटिंग कराया गया था।
वहीं विश्वजीत ने बताया कि विद्याशंकर का प्रवेश पत्र व आधार कार्ड नालंदा निवासी मामा के लड़के दीपक और उसका साथी चालक दिनेश ने दिया था। दिनेश को कभी देखा नहीं सिर्फ फोन से बात हुई थी, जिसने बीस हजार रुपये एडवांस के तौर पर प्रवेश पत्र पर परीक्षार्थी का फोटो बदलकर अपना फोटो लगाकर दिया था।
पूछताछ में विश्वजीत ने कबूला कि इससे पहले भी बिहार में दो बार इसी तरह की परीक्षा दे चुका हूं। थानाध्यक्ष मिर्जा रिजवान बेग ने बताया कि चार अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित की जा रही है।