क्षेत्र के अल्लोपुर गांव में गुरुवार की शाम पतंग उड़ाते समय आठ साल का मासूम अस्मित छत से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। परिवार के लोग उसे निजी अस्पताल ले गए, जहां इलाज के दौरान रात में उसकी मौत हो गई। पति के बाद अब इकलौते बेटे की मौत हो जाने से शीला पटेल का तो पूरा संसार ही जुट गया। अल्लोपुर गांव की शीला पटेल की शादी 10 साल पहले राजातालाब क्षेत्र के बेनीपुर गांव में श्यामसुंदर पटेल के साथ हुई थी। बीमारी की वजह से श्याम सुंदर पटेल की दो साल पहले मौत हो गई थी। शीला अपने इकलौते बेटे अस्मित के साथ मायके में भाई जालंधर पटेल के यहां रह कर मजदूरी करती है।
अस्मित प्राथमिक पाठशाला सरैंया में कक्षा चार में पढ़ता था। शीला त्योहार मनाने गांव आई थी। गुरुवार की शाम अस्मित कुछ बच्चों के साथ पड़ोसी सब्बल पटेल की छत पर पतंग उड़ाने चला गया। रेलिंग न होने के कारण छत चारों ओर से खुली थी। पतंग उड़ाते समय अचानक वह छत से नीचे गिर गया, जिस उसे गंभीर चोटें आईं। परिवार के लोग आनन-फानन में उसे वाराणसी स्थित निजी चिकित्सालय ले गए, जहां इलाज के दौरान देर रात उसने दम तोड़ दिया। शुक्रवार को परिवारीजन मासूम का शव लेकर लोग गांव पहुंच तो कोहराम मच गया। जीवन का इकलौता सहारा छिन जाने से शीला की हालत बदहवास जैसी हो गई। बेटे के शव से लिपटकर उसका विलाप देख लोगों की आंखें नम हो गईं। इसके बाद उसका अंतिम संस्कार कर दिया।