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मकर नहान आज, घाटों पर उमड़े श्रद्धालु

Sat, 14 Jan 2017 02:17 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
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मकर संक्राति पर बिक्री के लिए सजी लाई चूड़़ा की दुकानें।
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मकर संक्रांति पर शनिवार को काशी में नहान के लिए देश के कोने-कोने से श्रद्धालुओं का रेला उमड़ पड़ा। सीजन का सबसे सर्द दिन होने की वजह से कंपकंपी छूटती रही लेकिन आस्था की डुबकी लगाने के लिए श्रद्धालु सिर पर गठरी और कंधे पर झोला लिए दशाश्वमेध घाट की ओर बढ़ते नजर आए। देर रात चितरंजन पार्क में तिल रखने की जगह नहीं थी। शनिवार को मणिकांचन योग में सूर्य दोपहर 1.51 बजे मकर राशि में प्रवेश करेंगे। इससे 16 घंटा पहले पुण्यकाल आरंभ होने की वजह से भोर से ही डुवकी लगने लगेगी।  
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सूर्य भगवान के उत्तरायण होने के साथ ही शुभ घड़ी की शुरुआत हो जाएगी। मकर संक्रांति पर गंगा के दोनों किनारों पर मेला लगेगा। संक्रांति पर्व के मेले की झलक शुक्रवार की रात को ही दिखने लगी। घाट की ओर लोग एक पर एक बढ़ते हर हर महादेव का जयकारा लगाते नजर आए। रात को दशाश्ेवमेध का चितरंजन पार्क में स्नानार्थियों का रेला उमड़ने से कही तिल रखने की जगह नहीं थी। घाटों पर भी भीड़ के शोर गूंजने लगे। गंगा उस पार भोर से ही नावों के बेड़े से लोग मकर स्नान के लिए पहुंचने लगेंगे। महावीर पंचांग के संपादक डॉ. रामेश्वर नाथ ओझा बताते हैं कि इस बार 14 जनवरी को मकर संक्रांति पर पूरे दिन पुण्यकाल रहेगा। मकर संक्रांति पर तिल, गुड़, लावा, चूड़ा, पट्टी के अलावा खिचड़ी और वस्त्र का दान कर श्रद्धालु पुण्य बटोरेंगे।
 
ठिठुरन भरी सर्द शाम के बीच आग जलाकर और ढोल ताशे, डीजे की धुन पर उसके चारों तरफ भंगड़ा करते लोग। बच्चे हो या बुजुर्ग हर किसी पर लोहड़ी का उल्लास सिर चढ़कर बोला। सिंधी-पंजाबी परिवारों के साथ सभी वर्ग के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
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सुबह होते ही परंपरा निभाते हुए बच्चों ने घर-घर जाकर लोहड़ी मांगी तथा सलामती की दुआ पाई। गुरुद्वारों में लोगों ने मत्था टेका। शाम को लोहड़ी के आयोजनों में महिलाएं पूरे शृंगार कर पहुंची थीं। ऐसे परिवार जिनमें शादी या पहले बच्चे के बाद पहली लोहड़ी थी अलग ही जोश नजर आ रहा था।  शाम जवां होते ही पवित्र अग्नि प्रज्ज्वलित हो गई।  ढोल ताशे और डीजे की धुन पर महिला और पुरुष आग के चारों तरफ घूम-घूमकर नृत्य किया। आग में तिल-पट्टी, चने और बादाम आदि डालकर परंपरा निभाई। लोग इस दौरान कह रहे थे कि जैसे-जैसे तिल जले, वैसे-वैसे हमारे पाप घटे। पांडेयपुर, सिगरा, महमूरगंज, विशेश्वरगंज, पांडेयपुर, चौक, गोदौलिया, सोनारपुरा, भेलूपुरा, लंका आदि क्षेत्रों के कॉलोनियों में लोहड़ी की रौनक नजर आई।
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