इस बीच, घोसी के पूर्व ब्लाक प्रमुख सपा नेता सुजीत सिंह ने इस घटना पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया और कहा कि यह दुर्घटना नहीं हत्या है। आखिर 40-50 साल पुराने बिजली के खम्भे पर लाइनमैन को जबरदस्ती क्यों चढ़ाया गया। इसमें दोषी जेई एवं अन्य अधिकारियों पर भी कार्यवाही हो। उधर ग्रामीणों ने शव को रखकर जाम लगा दिया।
ग्रामीण विद्युत उपकेंद्र पर तैनात अवर अभियंता पर गंभीर आरोप लगा रहे थे। लोगों का कहना था कि भरी दोपहर में लाइनमैन को 40-50 साल पुराने जर्ज़र पोल पर चढ़ाया गया था जबकि 33 हजार केवीए के लाइन को ठीक करने की ज़िम्मेदारी उपकेंद्र पर तैनात कर्मी की नहीं होती है। फिर भी अवर अभियंता द्वारा जबरन ऐसा किया गया और यह हादसा हो गया।
आक्रोशित ग्रामीण अवर अभियंता को हटाने के साथ उस पर एफआईआर की मांग कर रहे थे। मौके पर पहुंचे बिजली विभाग के एसई ने लिखित आश्वासन दिया कि परिवार को विभाग द्वारा 7.5 लाख की आर्थिक मदद दी जाएगी। पेंशन दिए जाने की भी व्यस्था की जाएगी। उन्होंने यहाँ तैनात अवर अभियंता को भी यहां से हटाए जाने की बात कही जिसके बाद लोगों का गुस्सा शांत हुआ और पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने मैन सफल हो पायी।