हादसे के बाद माैके पर जुटी भीड़।
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प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक घटना की सूचना तुरंत डायल 112 पुलिस और एंबुलेंस सेवा को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई, लेकिन एंबुलेंस काफी देर बाद पहुंची। इस दौरान दोनों घायल सड़क किनारे दर्द से तड़पते रहे। स्थानीय लोगों ने भी मदद का प्रयास किया, लेकिन समय पर चिकित्सा सुविधा न मिलने से उनकी हालत बिगड़ती चली गई।
काफी देर बाद एंबुलेंस पहुंचने पर पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से दोनों घायलों को अस्पताल भिजवाया। हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने दोनों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें ट्रॉमा सेंटर वाराणसी भेजा गया।
बताया गया कि वाराणसी ले जाते समय रास्ते में ही मनोज उर्फ गुड्डू कुमार की मौत हो गई। इसकी सूचना मंगलवार सुबह कोटा ग्राम प्रधान प्रह्लाद चेरो ने फोन के माध्यम से पुलिस को दी। घटना के बाद मृतक के परिवार में कोहराम मच गया।
वहीं दूसरे घायल रामसजीवन उर्फ बबलू गोंड का जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। स्थानीय लोगों ने हादसे के बाद सड़क निर्माण और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।