दी स्मॉल स्केल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन द्वारा आयोजित कार्यशाला में मंचासीन पदाधिकारी। स्रोत स्वयं
द स्मॉल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (एसआईए) ने शुक्रवार को ककरमत्ता स्थित एक होटल में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) पर एक कार्यशाला आयोजित की। इसमें पूर्वांचल के 200 उद्यमियों ने भाग लिया।
विशेषज्ञों ने कहा कि एआई अब भविष्य की नहीं, बल्कि वर्तमान की आवश्यकता है। जो उद्योग इसे अपनाएंगे, वही कल बाजार का नेतृत्व करेंगे। एसआईए के अध्यक्ष राजेश भाटिया ने कहा कि दुनिया तेजी से बदल रही है। एआई वैश्विक अर्थव्यवस्था, उद्योग और रोजगार की परिभाषा बदल रहा है।
इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आरके चौधरी ने बताया कि एआई हमारी निर्णय क्षमता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा रहा है। उन्होंने कहा कि बढ़ती उत्पादन लागत, गुणवत्ता, वैश्विक प्रतिस्पर्धा और श्रमिकों की कमी जैसी चुनौतियों का समाधान एआई से संभव है।
महासचिव नीरज पारीख ने कहा कि एमएसएमई क्षेत्र की लगभग हर चुनौती का समाधान स्मार्ट तकनीक में है। एआई विशेषज्ञ ऋषि उपाध्याय ने एआई केवल बड़ी कंपनियों के लिए नहीं, बल्कि छोटे और मध्यम उद्योगों के लिए भी उपयोगी है। एआई उद्योगों की कई प्रमुख चुनौतियों का प्रभावी समाधान प्रदान करता है। उपाध्यक्ष अनुपम देवा ने कहा कि कार्यक्रम का लक्ष्य प्रत्येक उद्यमी में इसे अपने उद्योग में अपनाने का विश्वास और उत्साह पैदा करना है। अध्यक्ष राजेश भाटिया ने कहा कि यह पहल उद्योगों को भविष्य के लिए तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण है।