घाटों का सुंदरीकरण कराना होगा। बाजार में दुकानदारों का सहयोग लेना होगा। प्लास्टिक मुक्त के साथ ही डस्टबिन अनिवार्य करना होगा और नगर निगम की टीम दुकानदारों से कूड़ा उठाएगी। इंदौर टीम ने छावनी बोर्ड के लिए भी सुझाव दिए हैं, कहा कि यहां रोजाना सफाई के साथ फॉगिंग करानी हाेगी, कूड़ा अलग-अलग किया जाए, इसे सुनिश्चित करना होगा। साफ किए स्थान पर स्वच्छता पार्क की स्थापना करनी चाहिए।
कैसा होगा सफाई, बीट प्रबंधन
- 800 से 1000 मीटर क्षेत्र की बीट का निर्धारण किया जाएगा।
- आवासीय क्षेत्रों में रोजाना एक बार सफाई होगी।
- औद्योगिक क्षेत्र में दिन में दो से तीन बार सफाई करानी होगी।
- कर्मचारी की तैनाती के साथ निगरानी बढ़ानी होगी।
- दोनों निगम के बीच समझौते के मुख्य बिंदु
- काशी में जमीनी परिस्थितियों को समझते हुए उनका संयुक्त अध्यन।
- दोनों बोर्ड आपस में काम करते हुए सहयोग के लिए प्रतिबद्व।
- स्थानीय मुद्दे और योजनाओं पर इंदौर में मिली सीख के आधार पर रणनीति बनाना।
- महत्वपूर्ण सुधारों के लिए रोडमैप।
- संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम, दौरे और स्टॉफ का मार्गदर्शन।
- चुनौतियां का समाधान करने के लिए हर तीन महीने में बैठकें।
- सर्वोच्च प्रदर्शन करते हुए साझा प्रयासों से स्वच्छ शहर में बदलना।