ट्रामा सेंटर में बनने वाले सेंटर में रोबोटिक सर्जरी, स्पीच थेरेपी और सर्जरी के माध्यम से मरीजों को नया जीवन देने की तैयारी है। यहां आधुनिक तकनीक वाली मशीनें मंगाई जाएंगी। रोबोटिक सर्जरी की मदद से सड़क दुघर्टनाओं के समय पैर और शरीर के ऐसे भागों में जहां नसेें काम करना बंद कर देती हैं। उसे रोबोटिक तकनीक की मदद से सही कराया जाएगा। हेड इंजरी वाले मरीजों की सर्जरी के बाद भी सही से न चल पाने और बोल पाने की समस्या रहती है। नए सेंटर में ऐसे मरीजों के लिए आकुपेशनल थेरेपी, स्पीच थेरेपी की व्यवस्था की जा रही है। इससे मरीजों का इलाज आसान हो जाता है।
रिहैबिलिटेशन सेंटर के लिए कुल 200 करोड़ का प्रस्ताव तैयार कराया गया है। इसमें 200 बेड का सुपर स्पेशियलिटी भवन भी बनेगा। खास बात यह है कि यहां इलाज के साथ ही पठन-पाठन के साथ शोध और मूल्यांकन की सुविधा रहेगी। डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ को न्यूरो, स्पाइनल इंजरी के इलाज का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।