सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र के लोगों को बड़ी सौगात देने जा रहा है। काशी रेलवे स्टेशन परिसर में ही करीब 30 हेक्टेयर में इंटर मॉडल स्टेशन (आईएमएस) बनाया जाएगा।
यहां एक ही परिसर से रेल, मेट्रो रेल, रोड ट्रांसपोर्ट और इनलैंड वाटर ट्रांसपोर्ट की सुविधा होगा। इसकी ड्राइंग तैयार है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने सर्वे भी शुरू कर दिया है। सर्वे के बाद डीपीआर तैयार की जाएगी।
इसके लिए काशी रेलवे स्टेशन परिसर के इर्दगिर्द करीब 25 हेक्टेयर जमीन चिह्नित की गई है। जल्द ही अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होगी। बुधवार को रेलवे स्टेशन से 35 किलोमीटर के एरिया में ड्रोन से वीडियोग्राफी करने के लिए डीएम और एसएसपी से अनुमति मांगी गई है।
एनएचएआई ने वीडियोग्राफी के लिए स्पेन की एक कंपनी और महिंद्रा कंसल्टिंग इंजीनियर्स से करार किया है। प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि देश में चार तरह के ट्रांसपोर्ट को एक परिसर से संचालित करने वाला वाराणसी देश में पहला शहर होगा।
प्राधिकरण के अधिकारियों के मुताबिक काशी रेलवे स्टेशन पर आईएमएस बनने के बाद यहां पहुंचने वाले लोगों को शहर में आवागमन के चार विकल्प होंगे। रोड ट्रांसपोर्ट में टैक्सी, सिटी बस, ऑटो आदि की सुविधा होगी।
रेल से अन्य शहरों और मेट्रो से शहर के अंदर विभिन्न स्थानों तक आवागमन की सुविधा होगी। इनलैंड वाटर ट्रांसपोर्ट भी विकसित किया जाएगा। इसके लिए गंगा के कई घाट विकसित किए जाएंगे। चारों तरह के ट्रांसपोर्ट का यहां ट्रांजिट होगा।
एनएचएआई के प्रोजेक्ट मैनेजर एसबी सिंह ने बताया कि डीपीआर बनने के तीन से चार साल में काम पूरा होने की उम्मीद है।