डीरेका का अब तक का सबसे शक्तिशाली होगा यह रेल इंजन
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वाराणसी स्थित डीजल रेल इंजन कारखाने (डीरेका) का सबसे शक्तिशाली इलेक्ट्रिक रेल इंजन तीन से चार दिन में तैयार हो जाएगा। इसके बाद इसे आरडीएसओ में टेस्टिंग के लिए भेजा जाएगा। सब कुछ ठीक रहा तो जनवरी तक यह दमदार रेल इंजन ट्रैक पर होगा। पुराने डीजल रेल इंजन को बदलकर तैयार किए गए 12 हजार अश्व शक्ति क्षमता के इस इलेक्ट्रिक रेल इंजन की सफलता पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।
कुछ महीने पहले डीरेका में पुराने डीजल रेल इंजन को इलेक्ट्रिक लोको में बदलने की परियोजना पर काम शुरू हुआ। डीजल से चलने वाले चार-चार हजार हार्स पावर क्षमता के दो पुराने रेल इंजन डीरेका में लाए गए। पहले उन्हें इलेक्ट्रिक इंजन में बदल गया। फिर दोनों रेल इंजनों को छह-छह हजार अश्व शक्ति क्षमता में बदला गया।
अब दोनों इंजनों को जोड़कर 12 हजार अश्व शक्ति क्षमता में बदलने का काम चल रहा है। तीन से चार दिन में यह कनवर्टेड रेल इंजन बनकर तैयार हो जाएगा। आरडीएसओ में टेस्टिंग के बाद ही इसको रेल सेवा से जोड़ा जाएगा।