दूसरी ओर हॉकी वाराणसी की अध्यक्ष नीलू मिश्रा का कहना है शाहिद जैसे महान हॉकी खिलाड़ी की सरकार द्वारा उपेक्षा करना उचित नहीं है। उनके घर वाले हॉकी के विकास के लिए ही तो मांग कर रहे हैं। ऐसे में उत्तर प्रदेश सरकार को पहल करते हुए सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए, जिससे हॉकी का विकास हो सके।
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सरकारी उपेक्षा से नाराज हैं पूर्व हॉकी कप्तान पद्मश्री मो. शाहिद की पत्नी
कांग्रेस के नेता बुधवार को पूर्व विधायक अजय राय की अगुवाई में मोहम्मद शाहिद के घर पहुंचे। वहां पर उन्होंने उनकी पत्नी को अपना समर्थन पत्र दिया। इस मौके पर कांग्रेसी नेताओं ने कहा कि अगर सरकार अपने वायदे से मुकरती है तो हम लोग पद्मश्री मोहम्मद शाहिद के नाम पर हॉकी प्रतियोगिता आयोजित करेंगे। हम इसके लिए बनारस की जनता का सहयोग भी लेंगे।
20 को दिल्ली रवाना होंगी परवीन
ओलंपियन की पत्नी परवीन ने बताया कि वह सारे पदक और मेडल लौटाने के लिए दिल्ली रवाना होंगी। मो. शाहिद की पुण्यतिथि 20 जुलाई को वह दिल्ली के लिए निकलेंगी। इसके अगले दिन वह प्रधानमंत्री से मिलकर अपने पति के सारे पुरस्कार और मेडल लौटा देंगी।