बीएचयू के विधि संकाय में चलने वाले एलएलबी और बीए-एलएलबी कोर्स में बड़े बदलाव किए गए हैं। पहली बार एलएलबी के 36 और बीए-एलएलबी कोर्स के 60 प्रश्न पत्रों में भारतीय विधिशास्त्र की भी पढ़ाई होगी। वहीं, दो वैल्यू एडेड कोर्स, संवैधानिक मूल्य और मौलिक कर्तव्य, अगले सत्र से शुरू होंगे। एलएलबी और बीए-एलएलबी दोनों कोर्स के सिलेबस की अध्ययन सामग्री में श्रम कानून और कोर्ट-कचहरियों के रोजमर्रा के मसले और व्यावहारिक नियमों को शामिल किया गया है।
विधि संकाय के डीन प्रो. सीपी उपाध्याय सहित संकाय की विभागीय परिषद और विद्वत परिषद की ओर से इस पर मुहर भी लग गई है और इसे लागू भी कर दिया गया है। श्रम कानून इसी साल से और वैल्यू एडेड कोर्स अगले साल से लागू होंगे।
विधि संकाय की विभागीय परिषद में रहे डॉ. अनूप कुमार ने बताया कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया के गाइडलाइन, भारतीय शिक्षा प्रणाली और एनईपी के मद्देनजर पहली बार विधि के प्रश्न पत्रों में भारतीय सामाजिक और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि को अनिवार्य किया गया है। अब बीएचयू के छात्र भारतीय विधिक परंपरा से रूबरू होंगे। धर्मशास्त्रों में बताए गए नियमों और कानूनों को भी पढ़ाया जाएगा।
श्रम कानून और वर्किंग कंडीशन कोड शामिल
दूसरी ओर, एलएलबी के सिलेबस में श्रम कानून, डायरेक्ट टैक्स और वैकल्पिक विवाद समाधान को जोड़ा गया है। साथ ही, एलएलबी में भारतीय शिक्षा व्यवस्था, आईकेएस और मानवाधिकार से संबंधित नई जानकारियां जोड़ी गई हैं। इन्हें भी कक्षाओं में पढ़ाया जाएगा। इसके अलावा वेतन, सामाजिक सुरक्षा, व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और वर्किंग कंडीशन कोड जैसी बातें भी जोड़ी गई हैं।
रिट याचिका और जनहित याचिका भी जोड़ी गई
इस बार विद्वत परिषद में आए प्रस्ताव के अनुसार, बीए-एलएलबी के प्रस्तावित सिलेबस में रिट याचिका, जनहित याचिका और सिविल के तहत एफिडेविट जोड़ा गया है। इसके अलावा कन्वेंसिंग में सेल डीड, गिरवी पत्र, लीज डीड, उपहार डीड, वचन पत्र, पावर ऑफ अटॉर्नी और ट्रस्ट डीड भी शामिल किए गए हैं। वहीं संवैधानिक नियमों में संवैधानिक मूल्यों, संविधानवाद और पैसे के भुगतान के हुक्मनामा को भी जोड़ा गया है।