भारत पर अमेरिका द्वारा लगाए गए 25 प्रतिशत टैरिफ को लेकर निर्यातक समुदाय में गहरी चिंता है। भारत के बाइंग एजेंट्स, व्यापारी और निर्यातक इसे भारतीय अर्थव्यवस्था और छोटे-बीच के उद्यमों के लिए एक गंभीर समस्या मान रहे हैं। इस संकट की घड़ी में बाइंग एजेंट एसोसिएशन (बीएए) ने समर्थन का ऐलान किया है।
बीएए के उपाध्यक्ष सुमित छाबड़ा ने कहा कि हम निर्यातक समुदाय के साथ पूरी तरह खड़े हैं। अमेरिका द्वारा बिना किसी छूट के लगाए गए शुल्क से भारत की प्रतिस्पर्धात्मकता प्रभावित होगी। जल्दी ही इस मुद्दे पर एक बैठक होगी, जिसमें टैरिफ के प्रभावों के समाधान को लेकर चर्चा होगी। बीएए की महासचिव अंचल कंसल का कहना है कि ये मानना कि अमेरिकी टैरिफ का असर सीमित रहेगा, एक भ्रम है। इससे न केवल व्यापार प्रभावित होगा, बल्कि लाखों श्रमिकों की आजीविका पर भी असर पड़ेगा। इसीलिए हम सरकार से मांग करते हैं कि वह इस मसले पर अमेरिका से तत्काल बातचीत शुरू करे।
बीएए के अध्यक्ष रूमा मलिक ने भी निर्यातकों को आश्वस्त किया कि संगठन उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है। उन्होंने कहा कि दुनिया आज एक नई तरह की आर्थिक चुनौती से गुजर रही है। लेकिन जैसा हमने अतीत की वैश्विक मंदी, महामारी और अन्य संकटों में किया, वैसे ही इस बार भी हम मजबूती से उभरेंगे। ईयूपीईए के उपाध्यक्ष अरुण अग्रवाल ने कहा कि अमेरिकी टैरिफ से भारतीय कारोबार पर नकारात्मक असर पड़ेगा। बड़ी संख्या में बेरोजगारी बढ़ेगी।