यूपी, सीबीएसई और आईसीएसई से मिलने वाली मान्यता के साथ ही अब एक और बोर्ड का विकल्प विद्यालयों को मिल गया है। भारतीय शिक्षा बोर्ड की ओर से बृहस्पतिवार को काशी की भुवनेश्वर नगर कॉलोनी में नया क्षेत्रीय कार्यालय खोला गया है।
वाराणसी में खुला यह कार्यालय पूर्वांचल के 25 जिलों का मुख्यालय होगा। इस बोर्ड ने अब तक वाराणसी के 40 विद्यालयों को मान्यता दी है। 125 विद्यालयों की मान्यता अभी प्रक्रिया में है जो मार्च 2026 तक पूरी जाएगी।
मकर संक्रांति के अवसर पर भारतीय शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन डॉ. एनपी सिंह ने वाराणसी में नए कार्यालय का उद्घाटन किया। उन्होंने बताया कि इस कार्यालय से भारतीय शिक्षा बोर्ड की शैक्षणिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी और विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं शैक्षणिक संस्थानों को बोर्ड से सीधे जुड़ने का अवसर प्राप्त होगा।
बोर्ड के चेयरमैन ने कहा कि भारतीय शिक्षा बोर्ड एक राष्ट्रीय शिक्षा बोर्ड है, जो भारतीय ज्ञान परंपरा एवं सांस्कृतिक मूल्यों के साथ आधुनिक शिक्षा का समन्वय कर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने हेतु प्रतिबद्ध है। भारतीय शिक्षा बोर्ड भारत सरकार की ओर से गठित सीबीएसई के समकक्ष एक राष्ट्रीय शिक्षा बोर्ड है।
इसके प्रमाण पत्र सीबीएसई के प्रमाणपत्रों के समान मान्यता प्राप्त हैं। पाठ्यक्रम में एनसीईआरटी के साथ भारतीय ज्ञान परंपरा एवं प्रतियोगी परीक्षाओं का सिलेबस जोड़ा गया है। कक्षा एक से ही कंप्यूटर शिक्षा, कक्षा 6 से स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम और कक्षा 9 से 12 तक अनिवार्य रूप से स्किल शिक्षा, शारीरिक शिक्षा और प्रायोगिक शिक्षा दी जा रही है। इस अवसर पर प्रो. ब्रज भूषण ओझा, प्रो. राकेश यादव, नंदलाल सिंह, मनुश्री, राजन विश्वकर्मा, मुरलीधर, पुष्प अग्रवाल मौजूद रहे।