39 जीटीसी की पासिंग आउट परेड में पहुंचे जवानों के अभिभावक
- फोटो : अमर उजाला
उन्होंने प्रशिक्षण के महत्व और युवा सैनिकों को अपनी वर्दी और देश पर गर्व करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि 42 सप्ताह के प्रारंभिक और उन्नत सैन्य प्रशिक्षण के बाद रंगरूटों को अनुशासित सैनिकों में परिवर्तित किया गया।
39 जीटीसी की पासिंग आउट परेड
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यह सैनिक अब देश की सेवा के लिए सक्रीय क्षेत्रों में अपनी यूनिटों में शामिल होंगे। इस परेड में सेवारत सैनिकों, उनके परिवारों और बच्चों की बड़ी सभा ने भव्य परेड की प्रस्तुति देखी, जिसने अपनी सटीकता और भव्यता से सभी को मंत्रमुग्ध किया।
इन जवानों को किया गया पुरस्कृत
- बेस्ट इन टेक्टीक्स यंग राइफलमैन- विशाल सुनार
- बेस्ट इन ड्रिल यंग राइफलमैन- विशाल राणा
- बेस्ट इन बीपीईटी यंग राइफलमैन- जगदीश गिरी
- बेस्ट इन बेनेट और सूकूरी फाईटिंग यंग राइफलमैन- संजीव थापा
- बेस्ट इन फाइलिंग यंग राइफलमैन- संतोष गाहा
- द्वितीय ऑल राउंड बेस्ट का जनरल एमके लाहिरी मेडल यंग राइफलमैन- बिशो खड़का
- आल राउंड बेस्ट की गौरव तलवार यंग राइफलमैन- अर्जुन प्रसाद खेरल
- बेस्ट इन कॉम्बैक्ट अब्स्टेकल कोर्स यंग राइफलमैन और कपाड़िया ट्रॉफी- पारस शाही