परमवीर चक्र विजेता वीर अब्दुल हमीद के शहादत दिवस के अवसर पर गाजीपुर पहुंचे थल सेनाध्यक्ष जनरल बिपिन रावत ने पाकिस्तान, आतंकवाद और चीन जैसे मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट किया है। पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा की लिए हमारे जांबाज सैनिक सीमा पर पूरी तरह मुस्तैद हैं।
देश के दुश्मन भारत की मजबूत सैन्य शक्ति के आगे बौने नजर आ रहे हैं। पड़ोसी देशों से बातचीत के जरिए सीमा समस्या का समाधान राजनीतिक लोगों का काम है, लेकिन सीमा की रक्षा के लिए सेना अपना काम करती है।
पाक के थल सेनाध्यक्ष द्वारा सीमा विवाद में गोली से नहीं, बोली से हल निकालने के सवाल पर कहा कि बातचीत करना सरकार और राजनेताओं का काम है। लेकिन सेना देश की रक्षा में कोई कोताही बरतने को तैयार नहीं है।
चीन और पाकिस्तान में कौन बड़ा दुश्मन है? इस सवाल पर थल सेनाध्यक्ष ने कहा कि जब जवान देश की सीमा पर तैनात होता है, तो हमारे देश से बड़ा कोई नहीं होता, ऐसे मे हमारे देश को नुकसान पहुंचाने वाला ही हमारा सबसे बड़ा दुश्मन है।
जम्मू कश्मीर में पत्थरबाज और आतंकवाद के स्थाई हल के सवाल पर उन्होंने कहा कि परिस्थितियां काफी बदली हैं और और अब पहले से काफी कुछ कंट्रोल में है।
जवानों के भोजन में मिलावट और छुट्टी को लेकर असंतोष पर उन्होंने कहा कि प्रत्येक समस्या का सामाधान घर में है। किसी भी पीड़ित को अपनी समस्या अपने उच्चाधिकारियों से कहना चाहिए। उसका समाधान निश्चित होगा।