भारत और फ्रांस के आपसी संबंधों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र काशी में सोमवार को नया आयाम मिला। पीएम मोदी की मेजबानी में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने काशी में भारतीय संस्कृति, शिल्प और संगीत को जाना।
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इसके साथ ही गंगा में अस्सी से दशाश्वमेध घाट तक मैक्रों ने मोदी के साथ नौका विहार किया। वहीं, प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र को पटना आने-जाने के लिए एक नई ट्रेन और 774.59 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की सौगात दी। फ्रांस के राष्ट्रपति के दौरे को यादगार बनाने के लिए प्रधानमंत्री ने काशीवासियों का आभार व्यक्त किया।
प्रधानमंत्री मोदी सोमवार को 10:20 बजे बाबतपुर एयरपोर्ट पहुंचे। लगभग 22 मिनट बाद राष्ट्रपति मैक्रों और उनकी पत्नी ब्रिगिटी मैक्रों का बाबतपुर एयरपोर्ट पर प्रधानमंत्री ने स्वागत किया। इसके बाद दोनों राजनेता सोलर पॉवर प्लांट का लोकार्पण करने के लिए मिर्जापुर रवाना हो गए।
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मिर्जापुर से मोदी और मैक्रों बड़ा लालपुर स्थित दीनदयाल हस्तकला संकुल पहुंचे। यहां के म्यूजियम में दोनों 40 मिनट तक रहे। प्रधानमंत्री ने फ्रांस के राष्ट्रपति को भारतीय संगीत, धर्म, कला और शिल्प के बारे में बताया।
इसके बाद दोनों राजनेता डीरेका पहुंचे और फिर अस्सी से दशाश्वमेध घाट तक गंगा में नौकायन कर नदेसर स्थित होटल ताज पहुंचे। दोपहर के भोजन के बाद फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने दोनों देशों के संयुक्त प्रतिनिधिमंडल को संबोधित किया और बाबतपुर एयरपोर्ट से दिल्ली रवाना हो गए।
वहीं, प्रधानमंत्री ने मंडुवाडीह रेलवे स्टेशन पर काशी-पटना जनशताब्दी ट्रेन को हरी झंडी दिखाने के बाद डीरेका मैदान से 718 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास कर जनसभा को संबोधित किया। इसके बाद सड़क मार्ग से बाबतपुर एयरपोर्ट रवाना हो गए।
मोदी-मैक्रों के सत्कार में बच्चों के उल्लास की कतार
हाथ में दोनों देशों का झंडा लिए बच्चों ने की अगवानी
- फोटो : अमर उजाला
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की आगवानी में पूरे शहर में बच्चों के उल्लास की कतार लगी थी। जिधर से पीएम और राष्ट्राध्यक्ष गुजरे उत्साह से लबरेज स्कूलों बच्चों ने उनकी अगवानी मन से दिल से की। कड़ी धूप में भी उनका उत्साह चरम पर था।
मोदी और मैक्रों को एक नजर देखने को बच्चों का कौतूहल देखने लायक था। सड़क से लेकर घाट तक बच्चों के जनसमूह ने पूरे दिल से उनका स्वागत किया।
हाथों में भारत और फ्रांस का झंडा, मोदी-मैक्रोें की फोटो लिए बच्चों ने पूरे उत्साह से कतारबद्ध होकर मेहमानों का स्वागत किया।
डीरेका से लेकर अस्सी घाट के छह किलोमीटर तक सड़क के दोनों तरफ बच्चों की कतार लगी थी। इसी तरह दशाश्वमेध घाट से लेकर होटल ताज तक बच्चों की अगवानी देखते बनीं।
होटल ताज से जब फ्रांस के राष्ट्रपति जब एयरपोर्ट के लिए रवाना हुए तो ताज से लेकर कचहरी, भोजूबीर, शिवपुर, तरना, हरहुआ से लेकर डीपीएस काशी, आरटीओ से लेकर बाबतपुर एयरपोर्ट तक बच्चों की कतार लगी हुई थी अपने मेहमान के स्वागत में।
गंगा घाटों पर पीएम और फ्रांस के राष्ट्रपति के स्वागत पर उत्सव का नजारा था। इस उत्सव में स्कूली बच्चों की भी पूरी भागीदारी थी। सुबह दस बजे से घाटों पर पूरे उत्साह के साथ ये बच्चे पहुंच गए थे। तीन घंटे की चिलचिलाती धूप में घाट की सीढि़यों पर बैठकर अपने खास मेहमान का इंतजार, लेकिन जैसे ही मोदी-मैक्रों को देखते ही सभी के चेहरे खिल गए।
उत्साह दूना हो गया। धूप की वजह से बच्चों को परेशानी भी हुई लेकिन उन्हें देखते ही सारी परेशानी उनकी छूमंतर हो गई। इस खुशी को खुद बच्चों ने साझा किया।
तीन घंटे धूप में बैठना पड़ा लेकिन इसकी हमें कोई परवाह नहीं थी। उन्हें देखते ही तीन घंटे की गरमी के बावजूद हम पूरी तरह से ‘चिल’ हो गए। बहुत अच्छा लगा। - सावित्री मिश्रा, इंपीरियल स्कूल
धूप की वजह से मुझे एक बार चक्कर आ गया था। पीएम और फ्रांस के राष्ट्रपति का स्वागत कर हमें बेहद खुशी हुई। ये एक अलग अनुभव था हमारे लिए। बहुत अच्छा लगा। - इशिका मौर्या, इंपीरियल स्कूल
पीएम मोदी के किसी कार्यक्रम का हिस्सा बनने का पहली बार मौका मिला। घाट के किनारे उत्सव जैसे माहौल में हमें उनकी अगवानी का मौका मिला, हम अपने आप को खुशकिस्मत मानते हैं। - निकिता मिश्रा, निवेदिता शिक्षा सदन
हमारे स्कूल ने पीएम मोदी के लिए स्वच्छता गीत प्रस्तुत किया। हाथों में तिरंगा और फ्रांस का झंडा लेकर स्वागत करना हमारे लिए काफी अभिभूत करने वाला था। बहुत खुशी हुई। - आंचल पटेल, निवेदिता शिक्षा सदन