फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

महिलाओं में बढ़ रहा एंडोमेट्रियोसिस का खतरा, बरतें सतर्कता

विज्ञापन
विज्ञापन
महिलाओं में इस समय एंडोमेट्रियोसिस बीमारी का खतरा बढ़ता जा रहा है। माहवारी के समय तेज दर्द और अधिक रक्तस्राव होना बीमारी का लक्षण है। महिलाओं को इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
विज्ञापन

दीनदयाल उपाध्याय परिसर स्थित एमसीएच विंग में स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. रश्मि सिंह का कहना है कि एंडोमेट्रियोसिस बीमारी की गंभीरता का पता न होने पर अकसर महिलाएं उपचार में लापरवाही बरतती हैं। ओपीडी में आने वाली 100 में दस महिलाएं इससे परेशान रहती है। किशोरियों और युवतियों में समस्या अधिक है। जिन महिलाओं का मासिक धर्म बंद हो जाता है, उनमें इस बीमारी की आशंका कम हो जाती है। एस्ट्रोजन हार्मोन के स्तर के बढ़ने से एंडोमेट्रियोसिस होने की संभावना ज्यादा होती है। नियमित व्यायाम करने से भी एस्ट्रोजन हार्मोन का लेवल कम किया जा सकता है। कैफीन युक्त पदार्थों का सेवन भी कम करना चाहिए। डॉ. रश्मि के मुताबिक, 22 वर्ष की सरिता को माहवारी के दौरान लगभग एक वर्ष से अधिक रक्तस्राव के साथ ही तेज दर्द होता था। तब वह मेडिकल स्टोर से दवाएं ले लेती थी, लेकिन तकलीफ बढ़ती गई। जब उसे सरकारी अस्पताल ले जाया गया तो पता चला कि उसे ‘एंडोमेट्रियोसिस’ बीमारी है जो अब दूसरे चरण में पहुंच चुकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें